बलरामपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में 'ब्लू डे' का आयोजन
बलरामपुर के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्राइमरी विंग के बच्चों ने 'ब्लू डे' मनाया। इस आयोजन का उद्देश्य नीले रंग के महत्व और...

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 24 जुलाई 2026
बलरामपुर शहर के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राइमरी विंग में शुक्रवार को 'ब्लू डे' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को नीले रंग के महत्व, प्रकृति में उसकी व्यापक उपस्थिति और उससे जुड़े लाभों के प्रति जागरूक करना था।
नर्सरी, एल.के.जी. और यू.के.जी. के विद्यार्थियों के लिए यह आयोजन विशेष रूप से रोचक और ज्ञानवर्धक रहा। बच्चों ने इस अवसर पर विभिन्न रंगारंग गतिविधियों में उत्साह पूर्वक भाग लिया। इनमें 'क्लाउड रेन ड्रॉप', 'पीकॉक मेकिंग यूजिंग पाम प्रिंट' और 'ब्लू जेली फिश मेकिंग' जैसी रचनात्मक कलाकृतियों का निर्माण शामिल था। कक्षाओं को भी नीले रंग की सजावट से मनमोहक रूप दिया गया था, जिससे एक सुखद और ज्ञानवर्धक वातावरण बना।
नीले रंग का महत्व और शैक्षिक उद्देश्य
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विद्यालय निदेशिका सुजाता आनंद, इशिका सुयश आनंद, प्रधानाचार्य डॉ. बी. कृष्ण मोहन और कार्यक्रम समन्वयक इंदु नायर ने बच्चों के उत्साह की सराहना की। विद्यालय निदेशिका श्रीमती इशिका सुयश आनंद ने बच्चों को नीले रंग के प्रतीकात्मक अर्थों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नीला रंग शांति, गहराई, विश्वास, आकाश और समुद्र का प्रतीक है। यह रंग मन को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के रंग-आधारित आयोजन बच्चों की शिक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह न केवल उनके सीखने की प्रक्रिया को रुचिकर बनाते हैं, बल्कि उन्हें रंगों के माध्यम से विभिन्न प्रतीकात्मक मूल्यों और उनके अनुप्रयोगों को समझने में भी मदद करते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को कलात्मक गतिविधियों के साथ-साथ रंगों के मनोवैज्ञानिक और प्रतीकात्मक पहलुओं से भी परिचित कराया गया।
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षकों का योगदान
इस 'ब्लू डे' कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने विशेष योगदान दिया। खुशी शर्मा, प्रभजीत कौर, अनीता सिंह, पूजा सिंह, अंजली यादव, सोनम सिंह, दीपिका सिंह, मान्या गुप्ता और भारती यादव ने कार्यक्रम के आयोजन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह दिन बच्चों के लिए यादगार और शिक्षाप्रद बन सका।
