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बलरामपुर: करीबियों पर 55 लाख ठगने व 11 बीघा जमीन हड़पने का आरोप

बलरामपुर में परिवार ने करीबियों पर ठेकेदारी का झांसा देकर 55 लाख ठगने और बीमार पति की मजबूरी का फायदा उठाकर 11 बीघा जमीन हड़पने...

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•संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
बलरामपुर: करीबियों पर 55 लाख ठगने व 11 बीघा जमीन हड़पने का आरोप

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 6 अक्टूबर 2026

बलरामपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपने ही करीबियों पर ठेकेदारी के कारोबार में बड़ी साझेदारी का लालच देकर 55 लाख रुपये की ठगी करने और गंभीर रूप से बीमार पति की बेबसी का फायदा उठाकर उनकी 11 बीघा जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। इस गंभीर शिकायत के बाद स्थानीय न्यायालय के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पीड़ित परिवार की मुखिया ज्योति पांडे ने बताया कि उनके पति राहुल पांडे लीवर की एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इस विषम परिस्थिति का फायदा उठाकर, जिन लोगों पर परिवार सबसे अधिक भरोसा करता था, उन्होंने ही उनकी गाढ़ी कमाई और पैतृक संपत्ति को निशाना बनाया। ज्योति पांडे का आरोप है कि करीबियों ने पहले राहुल पांडे के साथ ठेकेदारी में मुनाफे की हिस्सेदारी का सब्जबाग दिखाया और विश्वास जीतने के लिए कुछ राशि उनके बैंक खाते में भी जमा की। इस प्रलोभन में आकर, करीब सात बीघा जमीन बेचने से मिले 63 लाख रुपये में से 55 लाख रुपये उन्होंने आरोपी लक्ष्मीकांत मिश्रा और उसके साथियों को सौंप दिए। ज्योति के अनुसार, वह लक्ष्मीकांत को अपने सगे भाई के समान मानती थीं, जिसके कारण उन्होंने धन के लेन-देन में अधिक सावधानी नहीं बरती।

धोखाधड़ी का तरीका और जमीन हड़पने का आरोप

मामले ने तब एक गंभीर मोड़ लिया जब ज्योति पांडे ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने राहुल पांडे को शराब की लत में धकेल दिया। उनका कहना है कि इससे पहले उनके पति शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते थे, लेकिन आरोपियों के संगत में आने के बाद उनकी जीवनशैली बुरी तरह प्रभावित हुई। इसी शारीरिक और मानसिक कमजोरी का लाभ उठाते हुए, आरोपियों ने 14 सितंबर 2021 को एक बीघा और 5 अक्टूबर 2021 को शेष 10 बीघा जमीन के संबंध में दस्तावेज तैयार करवाए। ज्योति पांडे का दावा है कि उन्हें और उनके पति को गुमराह किया गया था। उन्हें बताया गया था कि ये दस्तावेज साझेदारी और पार्टनरशिप डीड से संबंधित हैं, जबकि असलियत में वे जमीन की बिक्री के अनुबंध थे।

इस धोखे का सबसे गंभीर खुलासा 4 फरवरी 2025 को हुआ, जब ज्योति पांडे के पति राहुल पांडे दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज होकर लौटे। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के केवल चार दिन बाद ही, उन्हें उपनिबंधक कार्यालय ले जाया गया, जहां से उनकी 11 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया गया। सरकारी नियमानुसार इस जमीन की मालियत 77.11 लाख रुपये थी, लेकिन बैनामे के दस्तावेजों में केवल 11.44 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया। ज्योति पांडे का आरोप है कि यह राशि भी बाद में उनसे वापस ले ली गई, जिससे यह साबित होता है कि जमीन के हस्तांतरण के पीछे कोई वास्तविक विक्रय राशि का आदान-प्रदान नहीं हुआ था।

कब्जे का प्रयास और न्याय के लिए संघर्ष

यह मामला तब और भी विकट हो गया जब 13 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। ज्योति पांडे और परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। स्थानीय पुलिस थानों में इस संबंध में छह बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो हताश परिवार ने न्यायालय की शरण ली। अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस हरकत में आई और अजीत मिश्रा, लक्ष्मीकांत मिश्रा, विजय मिश्रा, आनंद मिश्रा, दिलीप कुमार और वेद प्रकाश नामक छह आरोपियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई।

इस घटनाक्रम ने ज्योति पांडे और उनके तीन छोटे बच्चों के जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। कभी शहर के प्रतिष्ठित फातिमा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा अब सरकारी प्राथमिक विद्यालय तक सीमित रह गई है। ज्योति के लिए अपनी संपत्ति का नुकसान एक बड़ी चोट है, लेकिन इससे भी बड़ी चुनौती अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना और पति के महंगे इलाज का खर्च वहन करना है। वर्तमान में, पूरा परिवार पुलिस द्वारा की जा रही जांच और न्यायालय के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, इस उम्मीद में कि न्याय की प्रक्रिया उनके खोए हुए सम्मान और संपत्ति को वापस दिलाने में मदद करेगी।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक जांच की जाएंगी। इसमें बैंक लेनदेन का विस्तृत विश्लेषण, पार्टनरशिप डीड की प्रामाणिकता की जांच, और जमीन के दस्तावेजों से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल शामिल होगी, ताकि सच को सामने लाया जा सके। पुलिस ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।