बलरामपुर: जर्जर बल्लियों पर लटकते बिजली तार, ग्रामीण भयभीत
बलरामपुर के हरिहरनगर गांव में जर्जर बिजली के तारों को लकड़ी की बल्लियों के सहारे लटकाया गया है, जिससे स्थानीय निवासी बड़े हादसे की आशंका...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 19 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले के महराजगंज तराई क्षेत्र के हरिहरनगर गांव में विद्युत अव्यवस्था ने स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। गांव में बिजली के तार कंक्रीट के खंभों के बजाय लकड़ी की जर्जर बल्लियों के सहारे लटके हुए हैं, जिससे किसी भी पल बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। यह स्थिति विद्युत सुरक्षा के मानकों का घोर उल्लंघन है और ग्रामीणों को भय के साये में जीने पर मजबूर कर रही है।
ग्रामीणों ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासी अब्दुल्ला, सलीम, नसीम, रिजवान, रामलाल, प्रभु नाथ, अजय कुमार और सुरेश कुमार जैसे लोगों ने बताया कि इन तारों के नीचे से रोज सैकड़ों लोग गुजरते हैं। लकड़ी की बल्लियों की कमजोरी और तारों के जर्जर होने के कारण किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर इस खतरनाक व्यवस्था को सुधारने की अपील की है।
ग्रामीणों की मुख्य मांग और विद्युत विभाग की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों की सर्वप्रमुख मांग है कि विद्युत विभाग जल्द से जल्द इन लकड़ी की बल्लियों को हटाए और उनके स्थान पर मजबूत, स्थायी विद्युत पोल लगाए जाएं। इसके अतिरिक्त, वे जर्जर हो चुके बिजली के तारों को भी बदलने की मांग कर रहे हैं ताकि गांव में बिजली की आपूर्ति सुरक्षित हो सके। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान होने तक वे सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते।
मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए, महराजगंज तराई विद्युत उपकेंद्र के अधिशासी अभियंता विजय कुमार महतव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि हरिहरनगर गांव में बिजली व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। महतव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि विभाग इस समस्या का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर रहा है और जल्द ही उचित कार्रवाई के माध्यम से इसका समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल, गांव वाले विभाग की ओर से ठोस कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि बिजली से जुड़े हादसों के भय से मुक्ति मिल सके।
