बलरामपुर: डीएम ने स्वास्थ्य सत्र का निरीक्षण किया, टीकाकरण व एचआरपी ट्रैकिंग पर जोर
बलरामपुर में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विशेष ग्राम स्वास्थ्य सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और ई-कवच पोर्टल की...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 16 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित विशेष ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र का निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने किया। विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम दांदव में आयोजित इस सत्र के दौरान उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने टीकाकरण और हाई रिस्क प्रेग्नेंट (एचआरपी) महिलाओं की ट्रैकिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम और आशा कार्यकत्रियों के अभिलेखों की जांच करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सत्र में मौजूद एएनएम ने बताया कि नौ बच्चों और पांच महिलाओं को टीके लगाए गए हैं। जिलाधिकारी ने ई-कवच पोर्टल के संचालन और ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि टीकाकरण से छूटे हुए लाभार्थियों की ट्रैकिंग के लिए ड्यू लिस्ट को लगातार अद्यतन रखा जाए।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर बल
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान और उनकी नियमित निगरानी को अनिवार्य बताया। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि ऐसी महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी (यूएसजी) जांच प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे लंबित यूएसजी वाली महिलाओं को स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच प्रक्रिया पूरी कराएं। समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक एचआरपी महिला की सूची को अद्यतन रखने और उनके फॉलोअप की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) अजय शुक्ला भी उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को आगामी सत्रों में छूटे हुए लाभार्थियों को कवर करने के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य तंत्र को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
