बलरामपुर: देवपुरा में रामलीला का भव्य मंचन, कलाकारों ने मोहा मन
बलरामपुर के देवपुरा में रामलीला कमेटी ने भगवान राम और रावण के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय और संवादों की...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 21 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले के विकासखंड हरैया सतघरवा के ग्राम पंचायत देवपुरा में रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान श्रीराम और रावण से जुड़े प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया। इस आयोजन को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने कलाकारों के अभिनय और संवादों की खूब सराहना की। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की सफलता में ग्रामीणों का सामूहिक सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। स्थानीय निवासी हर वर्ष आपसी समन्वय और आर्थिक सहयोग के माध्यम से इस प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करता है कि इस प्रकार की परंपराएं निरंतर आगे बढ़ती रहें।
कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों का जीता मन
कार्यक्रम में कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और संवादों के माध्यम से भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। उनकी कलाकारी इतनी प्रभावशाली थी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। विभिन्न दृश्यों में, कलाकारों ने पात्रों के भावों को गहराई से दर्शाया, जिससे दर्शक उनकी भावनाओं से जुड़ सके। भगवान श्रीराम के आदर्श, उनके धैर्य और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा को कलाकारों ने बखूबी प्रस्तुत किया, वहीं रावण के अहंकार और अधर्म को भी प्रभावी ढंग से चित्रित किया गया। इन प्रसंगों के मंचन ने दर्शकों को भगवान की लीलाओं का स्मरण कराया और उन्हें एक अलौकिक अनुभव प्रदान किया।
सामुदायिक सहयोग से परंपरा का संरक्षण
स्थानीय निवासियों का मानना है कि रामलीला जैसे आयोजन लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं। यह पारंपरिक आयोजन समाज में सौहार्द और एकता को बढ़ावा देता है। रामलीला के इस शानदार मंचन ने न केवल ग्रामीणों का दिल जीता, बल्कि एक भक्तिमय वातावरण भी तैयार किया। कमेटी के सदस्यों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसी परंपराओं को संजोकर रखने का संकल्प लिया। देवपुरा जैसे छोटे गांवों में, जहां आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद पारंपरिक मूल्यों की जड़ें मजबूत हैं, रामलीलाएं सामुदायिक भावना को जीवंत रखने का एक अनूठा मंच प्रदान करती हैं। इन आयोजनों में युवा पीढ़ी भी सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक भी सुरक्षित रहें।
