बैंक कर्मियों का पांच-दिवसीय बैंकिंग और पीएलआई नीति के विरोध में प्रदर्शन
शिवपुरी में UFBU के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 5-डे बैंकिंग और विभाजनकारी PLI नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया। 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

संवाददाता: रंजीत गुप्ता
द क्लिफ न्यूज़ | शिवपुरी | 28 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा पांच-दिवसीय बैंकिंग (5-Day Banking) की मांग को अनसुना किया जाना और कर्मचारी उत्पादकता-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) नीति में विभाजनकारी व्यवस्था को लागू करने का विरोध करना है। UFBU अध्यक्ष हेमंत उपाध्याय और कन्वेनर संजय वर्मा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में लगभग नौ लाख बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट रुख है कि यह आंदोलन किसी प्रबंधन के खिलाफ नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में है। कर्मचारियों का मानना है कि पांच-दिवसीय बैंकिंग लागू न करना और PLI नीति के माध्यम से कर्मचारियों के बीच मतभेद पैदा करना, बैंकिंग क्षेत्र के हित में नहीं है। वे इस नीति को विभाजनकारी बताते हुए इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच-दिवसीय बैंकिंग से कर्मचारियों को कार्य-जीवन संतुलन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादकता और समग्र कल्याण में वृद्धि हो सकती है। इसके विपरीत, PLI नीति के मौजूदा स्वरूप को वे अनुचित और कर्मचारियों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा पैदा करने वाला मानते हैं।
आंदोलन के आगामी चरण और राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी
बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समाधान न होने की स्थिति में आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया है। UFBU ने चरणबद्ध तरीके से विभिन्न हड़ताल कार्यक्रमों की घोषणा की है। इसके तहत 11 सितंबर 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस हड़ताल का उद्देश्य सरकार और बैंक प्रबंधन पर तत्काल ध्यान देने के लिए दबाव बनाना होगा। इसके अतिरिक्त, 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने की भी चेतावनी दी गई है। यदि इन हड़तालों के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की भी योजना है, जो बैंकिंग सेवाओं को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है।
UFBU ने आगामी आंदोलन को पूरी ताकत से सफल बनाने तथा बैंकिंग क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र के भविष्य की रक्षा के लिए सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण या उनमें किसी भी प्रकार की विभाजनकारी नीतियां देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। इस प्रदर्शन में अविनाश यादव, प्रमोद पाल, वीरेंद्र शर्मा, डीपी शर्मा, लक्ष्मीकांत, अमित कुमार, काजल जरेले, अखिलेश मीणा, अमित, तनय, ऋषभ, प्रशांत, अभिषेक, राहुल, अचला, पूजा, समृद्धि, आकाश, गौरव सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मी और अधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी ने अपनी एकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।
