बागेश्वर धाम की रथयात्रा: दमोह में प्रशासन ने कसीं सुरक्षा की कमान
दमोह प्रशासन ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रथयात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा व स्वच्छता की व्यवस्थाओं को...

दमोह | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 9 अक्टूबर 2026
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा को लेकर दमोह जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। यात्रा के मद्देनजर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक ने भक्त मंडल के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह रथयात्रा हटा से होते हुए दमोह पहुंचेगी, जिसके लिए प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम मंजूरी दे दी है।
बैठक में 12 अक्टूबर को हटा में रथयात्रा के रात्रि विश्राम और 13 अक्टूबर को दमोह के राधिका पैलेस में आयोजित होने वाले आशीर्वचन सत्र की रूपरेखा पर चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने भक्त मंडल की मांगों को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की पुख्ता योजना
श्रद्धालुओं की भारी संख्या में आगमन की प्रबल संभावना को देखते हुए, पुलिस और यातायात विभाग को सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूट और डायवर्सन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे, जिसमें बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
इसके अतिरिक्त, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वाहनों के कारण यातायात बाधित न हो। स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि रथयात्रा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे।
बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम स्थल पर बनाए जाने वाले मंच की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग से फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसी प्रकार, ध्वनि और विद्युत व्यवस्था के लिए भी संबंधित विभागों से सुरक्षा प्रमाण-पत्र लेने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरा आयोजन निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा और उसके बाद के कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हों।
पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था के साथ-साथ चल शौचालयों की तैनाती पर भी ध्यान दिया जाएगा। चिकित्सा दल और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। स्वच्छता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती का भी निर्देश दिया गया है, जिससे आयोजन स्थल स्वच्छ बना रहे। इन सभी तैयारियों का मुख्य उद्देश्य भक्तों को सर्वोत्तम संभव सुविधा प्रदान करना और यात्रा के आध्यात्मिक महत्व को बनाए रखना है।
