बागपत: 50 हजार का इनामी 'खूनी' मुठभेड़ में ढेर, सुशील मूंछ गैंग का शार्प शूटर
बागपत में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल उर्फ 'खूनी' मारा गया। वह 38 मामलों में वांछित था और सुशील मूंछ गैंग का शार्प शूटर था।

द क्लिफ न्यूज़ | बागपत | 26 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शुक्रवार, 25 जुलाई 2026 को पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50,000 रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ 'खूनी' को एक मुठभेड़ में मार गिराया गया। यह मुठभेड़ सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई। विपुल उर्फ 'खूनी' सुशील मूंछ गैंग का शार्प शूटर था और उस पर हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर सहित कुल 38 संगीन मामले दर्ज थे।
खुफिया इनपुट के आधार पर, बागपत पुलिस और मेरठ एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने बदमाश की तलाश शुरू की। जब पुलिस टीम ने उसे घेरने का प्रयास किया, तो उसने और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिसमें विपुल उर्फ 'खूनी' गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल मेरठ के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह बदमाश लंबे समय से फरार चल रहा था और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।
अपराध की दुनिया में लंबा सफर
विपुल उर्फ 'खूनी' कांधला थाने का हिस्ट्रीशीटर था और उसने लगभग 21 साल पहले, वर्ष 2005 में अपराध की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। इन दो दशकों से अधिक के अपने आपराधिक कार्यकाल के दौरान, उसने हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी मांगने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई जघन्य अपराधों को अंजाम दिया था। उसके बढ़ते आतंक और अपराधों की गंभीरता को देखते हुए, शामली पुलिस द्वारा उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यह इनाम उसके ठिकानों की जानकारी देने वाले या उसे पकड़वाने में मदद करने वाले के लिए था, ताकि उसे कानून के कटघरे में लाया जा सके।
सुशील मूंछ गैंग से जुड़ाव
विपुल उर्फ 'खूनी' को सुशील मूंछ नामक कुख्यात गिरोह का शार्प शूटर माना जाता था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। विपुल अपनी तेज तर्रार कार्यशैली और किसी भी वारदात को अंजाम देने की क्षमता के कारण गिरोह में महत्वपूर्ण स्थान रखता था। उसकी मौत से सुशील मूंछ गैंग को एक बड़ा झटका लगा है, और पुलिस इसे गिरोह की कमर तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मान रही है।
घटनास्थल से बरामदगी
घटनास्थल से पुलिस ने दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक बाइक बरामद की है। यह बाइक उसी वाहन का हिस्सा थी जिसका इस्तेमाल बदमाश घटना के समय कर रहा था। पुलिस इन बरामद वस्तुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में भी किया गया था। पुलिस का मानना है कि इस मुठभेड़ से क्षेत्र में फैले अपराध के जाल को तोड़ने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इस कार्रवाई को जिला पुलिस और एसटीएफ की एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह गैंग के एक अत्यंत वांछित और खतरनाक सदस्य का खात्मा है, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
