बागड़िया गैंग का पर्दाफाश: 5 राज्यों में 17 चोरियां, ₹20 लाख के जेवरात बरामद
मंदसौर पुलिस ने अंतरराज्यीय बागड़िया गैंग का पर्दाफाश कर दो आरोपी पकड़े। पूछताछ में पांच राज्यों में 17 चोरियों का खुलासा हुआ, ₹20 लाख के जेवरात बरामद किए गए।

संवाददाता: राजकुमार कोटवार
द क्लिफ न्यूज़ | मंदसौर | 5 सितंबर 2026
मंदसौर जिले की पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराज्यीय 'बागड़िया गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में नाहरगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पांच राज्यों में 17 से अधिक नकबजनी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं, जो चोरी की गई कुल संपत्ति का शत-प्रतिशत होने का दावा किया गया है।
यह गैंग बेहद शातिर तरीके से अपनी वारदातों को अंजाम देती थी। आरोपी सीधे तौर पर चोरी की घटना को अंजाम देने के बजाय, पहले इलाके में घूमकर रेकी करते थे। पानी पीने या सामान बेचने जैसे बहाने बनाकर वे घरों के आसपास घूमते और मकान की बनावट, उसमें रहने वाले लोगों की आवाजाही और घर के खाली रहने के समय की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद, सुनियोजित तरीके से रात में मौका देखकर ताले तोड़कर घरों में घुसपैठ करते और नकदी व कीमती जेवरात लेकर फरार हो जाते थे।
एक चोरी की जांच से हुआ नेटवर्क का खुलासा
इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश 18 जुलाई 2026 को थाना कोतवाली मंदसौर में दर्ज एक चोरी के प्रकरण की जांच से शुरू हुआ। अज्ञात बदमाशों ने एक मकान का गेट तोड़कर अलमारियों से लगभग 20 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए थे। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 465/2026 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने का अंदेशा हुआ। गहन जांच और पूछताछ के बाद, एक के बाद एक 17 चोरी की वारदातों की कड़ियां जुड़ती गईं, जिससे इस गिरोह के व्यापक नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पांच राज्यों में फैला आपराधिक जाल
पुलिस के अनुसार, बागड़िया गैंग ने मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर जैसे राज्यों में भी अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया है। गैंग द्वारा इंदौर, रतलाम, आगरा, राजसमंद, नाथद्वारा, उदयपुर, मालेगांव, धुलिया, दिल्ली और गुरुग्राम सहित कई शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया है। इन विभिन्न थाना क्षेत्रों में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज पाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंदसौर में पूर्व विधायक स्वर्गीय पुरोहित के घर हुई चोरी जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं का खुलासा भी पुलिस ने इस गैंग की गिरफ्तारी से किया है।
जब्त मशरूका और इस्तेमाल औजार
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों से लगभग 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, वारदातों को अंजाम देने में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी जब्त किए गए हैं, जिनमें दो टॉमी, एक इलेक्ट्रॉनिक कटर, दो जोड़ी दस्ताने और एक प्लास्टिक प्लास शामिल हैं। इन औजारों का उपयोग ताले तोड़ने और अन्य सुरक्षा उपायों को भेदने के लिए किया जाता था।
एसपी ने चोरी को बताया भावनात्मक चोट
इस मामले के खुलासे के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने कहा कि चोरी की वारदातें केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचातीं, बल्कि पीड़ित के लिए भावनात्मक आघात का कारण भी बनती हैं। उन्होंने कहा कि चोरी गया माल वापस दिलाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। एसपी मीना ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर निगरानी, तकनीकी जांच, कुशल सूचना तंत्र और अथक प्रयासों के बदौलत इस अंतरराज्यीय गैंग तक पहुंचने में सफलता मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के प्रति सदैव तत्पर है और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
