बद्रीनाथ धाम में 26 अक्टूबर से होगी श्रीमद् भागवत कथा, पितरों के लिए भी होगा पाठ
हिमालय की गोद में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाले सात दिवसीय आयोजन में देशभर के श्रद्धालु भाग लेंगे। आचार्य नित्यानंद गिरि जी महाराज कथा का मार्गदर्शन करेंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | बद्रीनाथ | 18 अगस्त 2026
भगवान श्री बद्रीनाथ जी के पावन सानिध्य में हिमालय की आध्यात्मिक वादियों में आगामी 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। यह सात दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान देशभर के श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और अध्यात्म का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा, जहाँ वे पवित्र कथा श्रवण के साथ-साथ अपने पितरों के निमित्त भागवत पाठ भी संपन्न करवा सकेंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, श्रीमद् भागवत के गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों से अवगत कराना और उन्हें संत परंपरा के सानिध्य में कथा श्रवण का अनूठा अवसर प्रदान करना है। हिमालय की बर्फीली चोटियों और पवित्र बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच आयोजित यह कथा अत्यंत फलदायी मानी जा रही है।
आध्यात्मिक संदेश और पितरों का स्मरण
यह धार्मिक आयोजन न केवल भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर केंद्रित होगा, बल्कि यह पितरों को समर्पित अनुष्ठानों के माध्यम से उन्हें मोक्ष दिलाने का एक माध्यम भी बनेगा। भागवत कथा के दौरान भक्तगण अपने पूर्वजों के लिए विशेष भागवत पाठ का आयोजन करवा सकेंगे, जिससे उन्हें शांति और सद्गति प्राप्त होने की मान्यता है। कथा में धर्म, कर्म, ज्ञान और भक्ति के महत्वपूर्ण उपदेशों पर प्रकाश डाला जाएगा, जो जीवन को दिशा प्रदान करेंगे।
सुविधाएं और सहभागिता
आयोजन में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा, ठहरने की व्यवस्था और भोजन-प्रसाद की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी। यह एक सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के लिए ही आयोजित किया जा रहा है, इसलिए इच्छुक भक्तजनों को समय रहते अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। अपने पितरों के निमित्त भागवत पाठ करवाने अथवा कथा में सम्मिलित होने के इच्छुक श्रद्धालु 30 अगस्त 2026 तक निर्धारित संपर्क नंबरों पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
आचार्य नित्यानंद गिरि जी महाराज का मार्गदर्शन
इस पवित्र आध्यात्मिक यात्रा एवं कथा आयोजन का संपूर्ण मार्गदर्शन वृंदावन धाम के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य नित्यानंद गिरि जी महाराज द्वारा किया जाएगा। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होंगे और जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने की प्रेरणा पाएंगे। आयोजकों ने सभी भक्तजनों से इस पावन अवसर का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।
