बाढ़ राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़, सीएमओ ने किया निरीक्षण
फर्रुखाबाद में बाढ़ राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया। सीएमओ के निर्देश पर चिकित्सा टीमों और एम्बुलेंस की तैनाती की गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 4 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा राहत शिविरों के निरीक्षण के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने रहमानी इंटर कॉलेज में बनाए गए शरणागत स्थल का दौरा किया। उन्होंने शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण और संक्रामक रोगों की रोकथाम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
चिकित्सा दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार
सीएमओ के निर्देशानुसार, राहत शिविर में मौजूद बाढ़ प्रभावित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सर्दी, जुकाम, बुखार, त्वचा रोग, दस्त और अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। जिन मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल की आवश्यकता पाई गई, उन्हें समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए उच्च चिकित्सालयों में रेफर किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी हेतु व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इसके तहत, एक महिला चिकित्सक, एक शिशु रोग विशेषज्ञ, एक वरिष्ठ फिजीशियन (सीनियर कंसल्टेंट) और आवश्यक दवाओं से सुसज्जित एक एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। सीएमओ ने निर्देशित किया है कि यह चिकित्सा टीम प्रतिदिन दो बार राहत शिविर पहुंचकर सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार और आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संक्रामक रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान
डॉ. उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। राहत शिविरों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय दल और एम्बुलेंस चौबीसों घंटे तैयार रहेंगे। उन्होंने चिकित्सा टीम को दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और रोगों की रोकथाम के बारे में जनजागरूकता फैलाने पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया, ताकि शिविर में रह रहे सभी लोग सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।
