बाढ़ प्रभावितों के लिए श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति की राहत पहल
श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति ने फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित रतनपुर गांव में जरूरतमंद परिवारों को चावल, दाल, नमक, तेल, साबुन, मोमबत्ती, माचिस और दंत मंजन का वितरण किया।

संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 6 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद जिले के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन विकट परिस्थितियों में, जहां सरकार और प्रशासन राहत कार्यों में लगे हैं, वहीं सामाजिक संगठन भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी मानवीय प्रयास के तहत, श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रतनपुर गांव का दौरा किया और वहां के जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया। यह पहल स्थानीय समुदाय में आशा की किरण बनकर उभरी है।
बाढ़ का पानी कई गांवों में घरों के अंदर तक घुस गया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों को न केवल अपने घरों से पलायन करना पड़ा है, बल्कि दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में, श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। समिति के अध्यक्ष बृज किशोर सिंह ने बताया कि बाढ़ की विनाशकारी मार झेल रहे ग्रामीणों की दयनीय स्थिति को देखते हुए, समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने त्वरित गति से एकजुट होकर राहत सामग्री जुटाने का निर्णय लिया। यह सामग्री उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी।
बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत
समिति द्वारा वितरित की गई राहत किट को अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया गया था, जिसमें बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सबसे अधिक आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। इस राहत सामग्री में प्रमुख रूप से चावल, अरहर की दाल, सत्तू, नमक, और सरसों का तेल जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे। इसके अतिरिक्त, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए नहाने का साबुन और कपड़े धोने का साबुन भी प्रदान किया गया। अंधेरे से निपटने के लिए मोमबत्ती और माचिस, तथा मौखिक स्वास्थ्य के लिए दंत मंजन जैसी रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुएं भी राहत पैकेट का हिस्सा थीं। यह व्यापक व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि प्रभावित परिवारों को बुनियादी जीवन-निर्वाह के लिए आवश्यक सभी चीजें एक ही बार में उपलब्ध हो जाएं।
राहत सामग्री के वितरण की प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित ढंग से की गई। समिति के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों के घरों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर, उनकी स्थिति का जायजा लिया और उन्हें सामग्री सौंपी। इस व्यक्तिगत पहुंच ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को इस सहायता से वंचित न रहना पड़े। इस दौरान, समिति के अध्यक्ष बृज किशोर सिंह के नेतृत्व में घनश्याम बाजपेई, कमलेश दीक्षित, प्रशांत सिंह, चंदन शुक्ला, अनुपम तिवारी, सौरभ सिंह, और सार्थक सोमवंशी सहित अन्य कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे। उनकी सामूहिक उपस्थिति और अथक प्रयास सराहनीय रहे।
सामुदायिक सहयोग की सराहना
जब राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों तक पहुंची, तो उनके चेहरों पर राहत की एक झलक स्पष्ट दिखाई दी। राहत किट प्राप्त करने के बाद, बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित ग्रामीणों ने समिति के सदस्यों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कहा कि यह अत्यंत कठिन और अनिश्चित समय है, और ऐसे में जब वे अपने घरों और आजीविका को खोने के कगार पर हैं, तब श्री चिंतामणि सुंदरकांड पाठ समिति द्वारा प्रदान की गई यह सहायता उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संकट की इस घड़ी में, जरूरत के समय आवश्यक सामान उपलब्ध कराकर समिति ने एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है, जिससे उनकी मुश्किलों में कुछ हद तक कमी आई है और उन्हें भविष्य का सामना करने की नई ऊर्जा मिली है। इस प्रकार की सामाजिक पहलें आपदा के समय में समुदायों को एकजुट करने और उन्हें Resilience बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
