बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ प्राथमिकता पर मिले: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बैंकों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को फसल बीमा योजना का लाभ अनिवार्य रूप से मिले। उन्होंने लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 10 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैंक और बैंक प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों को प्राथमिकता के आधार पर फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों द्वारा निरस्त किए गए आवेदनों का पुनः सत्यापन कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, विशेष रूप से स्वरोजगार और ऋण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। ऋण संबंधी किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर जोर दिया गया।
योजनाओं के क्रियान्वयन और ऋण वितरण पर जोर
जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र युवाओं, उद्यमियों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि जनपद में स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि शासकीय योजनाओं के तहत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण हो सके और निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बैंक प्रायोजित योजनाओं में लाभार्थियों के लिए ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में सुधार के निर्देश
बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, कैनरा बैंक, इण्डियन ओवरसीज बैंक और इण्डियन बैंक के क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित बैंकों के प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे अपने सीडी रेशियो में सुधार लाने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न बैंकों में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के निरस्त किए गए आवेदनों का पुनः सत्यापन कराकर उसकी आख्या प्रस्तुत की जाए। यदि पुनः सत्यापन में किसी बैंक की कार्यशैली में अनियमितता पाई जाती है, तो उसकी दोषपूर्ण कार्यप्रणाली से शासन को अवगत कराया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुमित अग्निहोत्री, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक/शाखा प्रबंधक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
