बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद, जिलाधिकारी ने राहत कार्यों का जायजा लिया
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने, दवा वितरण और बच्चों के लिए शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 5 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने आज अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए, साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी जरूरतमंद को आवश्यक सहायता से वंचित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने स्वयं नाव से बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता और पशुओं के चारे की उपलब्धता की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष स्वास्थ्य और शैक्षिक व्यवस्था
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन और चर्मरोग की दवाएं अनिवार्य रूप से वितरित की जाएं। इसके अतिरिक्त, ग्रामवासियों के लिए क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन और एंटी वेनम जैसी आवश्यक दवाओं का वितरण भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बच्चों की शिक्षा को बाधित न होने देने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी ने बेसिक खंड शिक्षा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित गांवों और शरणालय स्थलों में शिक्षकों की तैनाती करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रामों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए ताकि संक्रामक बीमारियों का प्रकोप रोका जा सके। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन सदैव उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया।
शरणालय स्थलों पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं पर जोर
इसके उपरांत, जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील के राजेपुर विकासखंड में रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बनाए गए बाढ़ प्रभावितों के लिए शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शरणार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ प्रदान करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, तथा विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का विस्तार से मुआयना किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने शरणालय में ठहरे बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा और राहत के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
पशुओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर भी ध्यान
शरणालय स्थल पर पशुओं के संरक्षण और उनके स्वास्थ्य परीक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में शरणार्थियों के साथ-साथ उनके पशुओं को भी सुरक्षित रखा जाए। पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के लिए शिक्षकों की तैनाती के संबंध में भी उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।
उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी और व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष बल दिया। इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल, तथा राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
