बाढ़ की आशंका: मिर्जापुर DM ने संभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, प्रशासन सतर्क
मिर्जापुर में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संपर्क मार्गों, गंगा के जलस्तर और स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा की।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय/मोहम्मद अमीन शेख
द क्लिफ न्यूज़ | 30 अगस्त 2026
जनपद मिर्जापुर में संभावित बाढ़ के खतरे की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरी तरह से सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए तैयारियों का जायजा लिया। यह निरीक्षण सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम अकोढ़ी और राजस्व ग्राम चौकठ में किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले दोनों गांवों के संपर्क मार्गों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो संपर्क मार्गों पर जलभराव की क्या स्थिति हो सकती है और आवागमन कितना प्रभावित होगा। इसके साथ ही उन्होंने गांवों के आसपास गंगा नदी के वर्तमान जलस्तर के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
ग्रामीणों से संवाद और आश्वासन
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और चिंताओं को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ आने पर संपर्क मार्ग टूटने से उन्हें आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रशासन किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ से पहले ही सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा चुके हैं और किसी भी नागरिक को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
आपदा प्रबंधन के लिए दिए गए निर्देश
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित कर ली जाएं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को तत्काल सक्रिय किया जाए और उन पर कर्मचारियों की तैनाती की जाए। उन्होंने नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक और चिकित्सा सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने ऊंचे और सुरक्षित स्थानों को चिन्हित कर वहां अस्थायी शरणालय बनाने की तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए। पशुओं के लिए चारे और पीने के साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सतर्कता और सूचना प्रबंधन पर जोर
जिलाधिकारी ने राजस्व और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लगातार गंगा नदी के जलस्तर पर पैनी नजर रखें। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की। इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार, संबंधित लेखपाल और अन्य आवश्यक अधिकारी उपस्थित रहे।
