बाढ़ के बीच रक्षाबंधन: बहनों को नदी पार करने में आफत
फर्रुखाबाद में बाढ़ के कारण चार फीट पानी भरे रास्ते से बहनों को अपने भाइयों के घर राखी बांधने के लिए गुजरना पड़ रहा है। नावों की कमी से ग्रामीणों में आक्रोश है, जबकि प्रशासन जांच का भरोसा दे रहा है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 27 अगस्त 2026
रक्षाबंधन के पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की आस लगाए बहनों को बाढ़ के विकराल रूप का सामना करना पड़ रहा है। फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र में मंझा मड़ैया गांव जाने वाला मुख्य मार्ग करीब चार फीट पानी में डूबा हुआ है, जिसके चलते कई बहनें पानी में चलकर अपने मायके पहुंचने को मजबूर हैं। बाढ़ के इस विकट हालात के बावजूद ग्रामीणों को नाव की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
मैनपुरी से आई संध्या, विनीता, नेहा और अन्य बहनों ने बताया कि वे दो दिन पहले ही भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके आ गई थीं। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि गांव तक पहुंचने वाला रास्ता इतना जलमग्न हो जाएगा। नाव की सुविधा न मिलने से उन्हें खासी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाढ़ आती है, लेकिन इस बार की स्थिति पहले से कहीं अधिक गंभीर है।
नावों की उपलब्धता पर सवाल, ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों ने शासन द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए दो-दो नाव उपलब्ध कराए जाने के सरकारी वादे पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मंझा मड़ैया जाने वाले रास्ते पर मौके पर कोई भी नाव मौजूद नहीं है। इससे रक्षाबंधन के लिए पहुंची बहनों के साथ-साथ अन्य ग्रामीणों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्रामीण ने बताया कि नाव न मिलने के कारण उसके बीमार बेटे को दवा दिलाने के लिए उसे कमर तक भरे पानी से होकर अमृतपुर तक जाना पड़ा।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरकारी नावों को कुछ लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने घरों में छिपाकर रख लेते हैं, जिससे जरूरतमंदों को समय पर इनका लाभ नहीं मिल पाता। इस लापरवाही के कारण पर्व मनाने के लिए आई बहनों की खुशियों पर बाढ़ के कारण ग्रहण लग गया है।
प्रशासन की कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू ने कहा है कि नावों की उपलब्धता और व्यवस्था की तुरंत जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर किसी भी व्यक्ति को सरकारी नाव अपने घर में रखते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि बहनों और ग्रामीणों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोई चूक पाई जाती है, तो संबंधित लेखपाल की जिम्मेदारी तय करते हुए उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
