आयुष्मान भारत: भुगतान में देरी पर आठ अक्टूबर से मध्यप्रदेश के निजी अस्पताल करेंगे बहिष्कार
मध्य प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत भुगतान में देरी और जटिल नियमों के विरोध में आठ अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बहिष्कार की...

Indore | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 6 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं देने वाले निजी अस्पतालों का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इंदौर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन और यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आठ अक्टूबर से योजना के अनिश्चितकालीन बहिष्कार की घोषणा की है। अस्पताल संचालकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक उनकी लंबित मांगों का लिखित समाधान नहीं मिलता है, तो वे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल डायरेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विशाल सिंह बघेल ने कहा कि निजी अस्पताल सर्वप्रथम मरीजों का उपचार करते हैं, जिसका पूरा व्यय वे स्वयं वहन करते हैं। हालांकि, उपचार के बाद सरकारी भुगतान प्राप्त करने के लिए उन्हें महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल प्रशासन सरकार के साथ टकराव नहीं चाहता, बल्कि एक ऐसी व्यावहारिक व्यवस्था चाहता है जो समय पर भुगतान और क्लेम प्रक्रिया को स्पष्ट और सरल बनाए।
भुगतान में कटौती और प्रक्रियागत अड़चनें चिंता का सबब
डॉ. सुनील बारोड़ ने प्री-ऑथराइजेशन की मंजूरी के बावजूद क्लेम रिजेक्शन और भुगतान में की जाने वाली कटौती पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान पैकेज की पुष्टि होने के बाद भी की जाने वाली कटौती से अस्पतालों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय आरोग्य hội đồng (NABH) की अनिवार्यता को समाप्त करना, वर्तमान पैकेज दरों का पुनरीक्षण करना, और लंबित क्लेम का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण अटके हुए मामलों के लिए एक पारदर्शी अपील व्यवस्था स्थापित करने की वकालत की गई है।
अस्पताल प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे योजना के भीतर होने वाले फर्जीवाड़े के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई का समर्थन करते हैं। परंतु, उनका मानना है कि केवल प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर वास्तविक इलाज का भुगतान रोकना अनुचित है। इंदौर के जिला अध्यक्ष डॉ. विकास डबकरा ने बताया कि स्थानीय अस्पताल इस प्रदेशव्यापी निर्णय का पूरी मजबूती से समर्थन कर रहे हैं।
मांगें न मानने पर दिल्ली कूच की चेतावनी
यदि सरकार उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करने में विफल रहती है, तो चिकित्सक एक हजार एम्बुलेंस के साथ दिल्ली के लिए कूच करेंगे। संगठनों का अंतिम लक्ष्य आयुष्मान भारत योजना को बंद करना नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना है ताकि जरूरतमंद मरीजों को निर्बाध रूप से कैशलेस उपचार मिलता रहे।
