अयोध्या में राष्ट्रीय रक्तदान शिविर: 20 राज्यों के 250 से अधिक रक्तदाताओं ने दिया 204 यूनिट रक्त
अयोध्या के दर्शननगर में 20 राज्यों व 60 जिलों से 250+ रक्तदाताओं ने 204 यूनिट रक्त दान किया। बलरामपुर ब्लड बैंक सर्वाधिक 36 यूनिट दान...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | अयोध्या | 14 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर अयोध्या की पावन भूमि पर सामाजिक एकता और सेवा भावना का एक अभूतपूर्व प्रदर्शन देखने को मिला। दर्शननगर स्थित एचआर पैलेस में हाल ही में संपन्न हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय रक्तदान शिविर और राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह-2026 में देश भर के लगभग 20 राज्यों और उत्तर प्रदेश के 60 जनपदों से 250 से अधिक रक्तदाताओं ने भाग लेकर मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान दिया। इस वृहद आयोजन के दौरान कुल 204 यूनिट रक्त सफलतापूर्वक संग्रहित किया गया, जिसने जरूरतमंदों के जीवन को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
यह आयोजन राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन, मेजर ध्यानचंद खेल उत्थान समिति एवं मां अन्नपूर्णा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस शिविर की एक अनूठी विशेषता इसमें भाग लेने वाले नियमित रक्तदाताओं की सक्रिय भागीदारी रही। संस्था के संरक्षक मंडल सदस्य आलोक अग्रवाल ने इस अवसर पर 41वीं बार रक्तदान कर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। इसी प्रकार, बलरामपुर से आए रवि कुमार गुप्ता ने 21वीं बार और वैभव त्रिपाठी ने 46वीं बार रक्तदान करके सेवा के प्रति अपने अटूट समर्पण का परिचय दिया। इन व्यक्तिगत उपलब्धियों ने रक्तदान के महत्व को और अधिक उजागर किया।
रक्तदान में विभिन्न ब्लड बैंकों का योगदान
शिविर में रक्त संग्रह की जिम्मेदारी 10 सरकारी ब्लड बैंक की टीमों ने संभाली। इन टीमों ने अथक परिश्रम कर रक्त दान करने वालों की सुविधा सुनिश्चित की। रक्त संग्रह में बलरामपुर ब्लड बैंक ने सर्वाधिक 36 यूनिट रक्त दान कर अपनी अग्रणी भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज प्रयागराज ने 27 यूनिट, आरएमएल अस्पताल लखनऊ ने 24 यूनिट, सुल्तानपुर ने 21 यूनिट, अयोध्या ने 20 यूनिट, केजीएमयू लखनऊ ने 17 यूनिट, श्रावस्ती और गोंडा ने प्रत्येक ने 16 यूनिट, बस्ती ने 15 यूनिट, तथा अंबेडकरनगर ने 12 यूनिट रक्त संग्रहित किया। यह सामूहिक प्रयास दर्शाता है कि कैसे विभिन्न संस्थाएं मिलकर एक बड़े उद्देश्य की पूर्ति कर सकती हैं।
आयोजन की विस्तृत रूपरेखा
राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता के साथ हुई, जिसने युवाओं में रचनात्मकता और सेवा भाव को बढ़ावा दिया। अगले दिन, 11 सितंबर को, एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और इसके महत्व को रेखांकित करना था। शिविर का मुख्य आकर्षण 12 एवं 13 सितंबर को आयोजित हुआ, जिसमें रक्तदान शिविर के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह भी संपन्न हुआ। इन दिनों हजारों की संख्या में लोग इस नेक कार्य के साक्षी बने।
अतिथियों द्वारा रक्तदान की महत्ता पर जोर
आयोजन में मेडिकल कॉलेज बलरामपुर के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश चतुर्वेदी, अयोध्या नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन पांडेय’, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, महारानी डॉ. अंजू सिंह एवं प्रो. डॉ. अंशु मिश्रा सहित अनेक गणमान्य अतिथि और गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की। इन सभी ने अपने संबोधन में रक्तदान को मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा और सर्वोत्तम माध्यम बताया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की कमी को पूरा किया जा सके। अतिथियों ने शिविर के आयोजकों और रक्तदाताओं के प्रयासों की सराहना की।
सम्मान और आभार
इस ऐतिहासिक अवसर पर, शिविर में रक्तदान करने वाले सभी प्रतिभागियों को उनके निःस्वार्थ योगदान के लिए अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सेवा भाव के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था। कार्यक्रम के सफल समापन पर राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता, महासचिव विजय वर्मा तथा संरक्षक राजेश चौबे ने सभी चिकित्सकीय टीमों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और विशेष रूप से रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश भर के रक्तदाताओं को एक मंच पर लाकर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करने में पूर्णतः सफल रहा और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।
