अयोध्या मंडल में पर्यटन का नया अध्याय: 110 करोड़ की 41 परियोजनाओं पर तेजी से काम
उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन का सशक्त केंद्र बनाने के लिए 110 करोड़ रुपये की 41 परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।)

द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 7 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में, प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, अमृत अभिजात ने गुरुवार को अयोध्या मंडल की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लगभग 110 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 41 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य अयोध्या सहित पूरे मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना और पर्यटक सुविधाओं को समग्र रूप से विकसित करना है।
समीक्षा बैठक में अयोध्या, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर जनपदों से संबंधित पर्यटन परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे अधिक संख्या अयोध्या जनपद से जुड़ी परियोजनाओं की है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने संबंधित अधिकारियों को इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यटन विकास को केवल अलग-अलग परियोजनाओं के रूप में न देखकर एक एकीकृत व्यवस्था के तौर पर विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटक सुविधा केंद्रों, संकेतकों, पार्किंग सुविधाओं और विरासत संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों को आपस में बेहतर ढंग से समन्वित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों को प्रत्येक चरण की प्रगति से अवगत कराते रहने और निर्माण की गुणवत्ता तथा दीर्घकालिक अनुरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए गए।
ऐतिहासिक धरोहरों का कायाकल्प और नई सुविधाओं का सृजन
बैठक में अयोध्या के ऐतिहासिक जलकल भवन को संरक्षित कर उसे 'परंपरा हेरिटेज बिल्डिंग' के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष ध्यान दिया गया। इस परियोजना के माध्यम से इस ऐतिहासिक भवन को एक ऐसे प्रमुख पर्यटन केंद्र में बदला जाएगा, जहाँ अयोध्या की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के कार्यालय एवं पर्यटक सुविधा केंद्र की स्थापना, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिशा-निर्देशक संकेतकों का अंकन, लता मंगेशकर चौक का सौंदर्यीकरण, तथा भारत माता मंदिर, बौरा बाबा मठिया, प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर और आशा देवी मंदिर के विकास से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
मंडल के अन्य जनपदों में भी पर्यटन विकास की विस्तृत योजनाएं शामिल हैं। अमेठी जिले में महादेव शंकर मंदिर, वीर बाबा मंदिर, खाकी साहब उदासीन आश्रम, राम जानकी मंदिर और श्रीमत परमहंस आश्रम के विकास की योजनाओं पर चर्चा हुई। बाराबंकी में चंद्रपुरी आश्रम, नर्मदेश्वर मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, श्रीनाथ बाबा मंदिर और नीलकंठेश्वर मंदिर को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। सुल्तानपुर जिले में जयसिंहपुर में एक बहुउद्देशीय सभागार के निर्माण और प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की योजना पर विचार किया गया। अंबेडकरनगर में श्रवण धाम में एक संग्रहालय दीर्घा, कैफेटेरिया और बाबा निहाल दास कुटिया सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
लोधेश्वर मंदिर और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की प्रगति
बाराबंकी स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर में लगभग 48.77 करोड़ रुपये की लागत से चल रही पर्यटन विकास परियोजना की प्रगति को संतोषजनक पाया गया। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का निर्माण कर रही है, बल्कि लोधेश्वर मंदिर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। वहीं, अयोध्या में सरयू नदी पर निर्माणाधीन फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के दीपोत्सव से पहले संचालित होने की तैयारी है। इसके शुभारंभ से अयोध्या के रिवरफ्रंट पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी और यह पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।
संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की महत्वपूर्ण पहलें
संस्कृति विभाग ने अंबेडकरनगर के रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण तथा अयोध्या के पूरा बाजार में अमर शहीद जगदंबा प्रसाद पांडेय स्मारक एवं प्रवेश द्वार के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, अयोध्या में निर्माणाधीन वैदिक शोध संस्थान और बाराबंकी में पद्मश्री बाबू के.डी. सिंह के पैतृक आवास को स्मारक संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने की प्रगति की भी बारीकी से समीक्षा की गई।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने भी नौ महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनमें अयोध्या में रामपथ और हवेली अवध के निकट पार्किंग सुविधाओं का विकास, विभिन्न धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, अंबेडकरनगर के श्रवण क्षेत्र और पंचमुखी मंदिर का विकास, तथा सुल्तानपुर के हनुमान धाम शांति आश्रम और प्राचीन बाबा महादेव धाम मंदिर के जीर्णोद्धार से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराकर धार्मिक पर्यटन को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
गुणवत्ता और समन्वय पर विशेष जोर
इस बैठक में वर्ष 2023 से 2026 के मध्य पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के तहत स्वीकृत की गई विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थाओं के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और शुरू होने वाली परियोजनाओं का भूमिपूजन संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही संपन्न कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छोटी निर्माणाधीन परियोजनाओं को आगामी चार से पांच माह के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाए। नियमित स्थलीय निरीक्षण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सतत निगरानी तथा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
