अयोध्या महापौर का आश्वासन: तीर्थपुरोहितों के पंजीकरण व घाटों पर बेहतर सुविधाएँ
अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने तीर्थपुरोहितों को पंजीकरण, पहचान पत्र, घाटों पर साफ-सफाई और धूप-बारिश से राहत के लिए छतरियों की व्यवस्था का भरोसा दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | अयोध्या | 7 अगस्त 2026
अयोध्या में तीर्थपुरोहितों के समाज ने गुरुवार को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी से मुलाकात की। तीन कलश तिवारी मंदिर में हुई इस मुलाकात के दौरान, तीर्थपुरोहितों के प्रतिनिधिमंडल ने घाटों पर कार्य करने वाले अपने साथियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी पहचान सुनिश्चित करने की मांग रखी।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम की ओर से तीर्थपुरोहितों का विधिवत पंजीकरण कराया जाएगा और उन्हें पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि घाटों की नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, तीर्थपुरोहितों को धूप और बारिश से राहत दिलाने के लिए बैठने की जगहों पर छाजन के रूप में छतरियों की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यवस्थाओं में सुधार
महापौर ने तीर्थपुरोहितों से अपील की कि वे श्रद्धालुओं की सुविधा और घाटों की सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अपनी गद्दी (तख्त) निर्धारित स्थानों पर ही व्यवस्थित ढंग से लगाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम और तीर्थपुरोहित समाज के बीच आपसी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस बैठक के दौरान नगर निगम के जोनल अधिकारी ज्वाला प्रसाद भी उपस्थित रहे। महापौर से मिलने वाले तीर्थपुरोहितों में नंदकुमार मिश्र उर्फ बर्फी महाराज, दुर्गा प्रसाद पांडे, राजेश पांडे, बल्लभपीठ पांडे, राजू पांडे, लल्लू पांडे, जोगेंद्र प्रसाद, दयासिंधु पांडेय, बुच्चन महाराज, रामनाथ पांडे, राजकुमार पांडे सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।
