कटनी में फिल्मी अंदाज़ में ATM चोरी: पुलिस थाने से कुछ ही मीटर दूर 15 मिनट में वारदात, 11 लाख रुपये लेकर फरार गैंग
जबलपुर में चौकन्ने ग्रामीणों द्वारा ATM चोरों को खदेड़े जाने के ठीक 24 घंटे बाद, कटन‍ी में एक संगठित गैंग शनिवार तड़के बैंक ऑफ महाराष्ट्र...
जबलपुर में चौकन्ने ग्रामीणों द्वारा ATM चोरों को खदेड़े जाने के ठीक 24 घंटे बाद, कटनी में एक संगठित गैंग शनिवार तड़के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ATM को उखाड़कर ले गया। वारदात की जगह की दूरी पुलिस थाने से कुछ ही कदम—और यही सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करती है।
फिल्मी अंदाज़ में 15 मिनट में वारदात पूरी, CCTV कैमरों पर काली स्प्रे
शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे, मधव नगर थाना क्षेत्र में एक पिकअप वैन में आए करीब आधा दर्जन चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम दिया।
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सबसे पहले उन्होंने ATM बूथ और आसपास लगे CCTV कैमरों पर काला स्प्रे छिड़क कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया।
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इसके बाद मोटी रस्सियों से ATM मशीन को जकड़कर पूरी मशीन उखाड़ ली।
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कुछ ही मिनटों में गैंग ATM को पिकअप में लादकर जबलपुर की दिशा में फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई 15 मिनट से भी कम समय में हो गई। जब तक कंट्रोल रूम को सूचना मिली, चोर काफी दूर निकल चुके थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार ATM में करीब 11 लाख रुपये थे।
SP ने दी जानकारी, कई टीमें गठित; फुटेज खंगालने का काम जारी
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुँचीं।
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि:
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बैंक ऑफ महाराष्ट्र का ATM मधव नगर गेट के पास स्थित है, जहां बैंक शाखा भी है।
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करीब 2:30 बजे अज्ञात लोग पिकअप में आए और CCTV कैमरों पर स्प्रे कर दिया।
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रस्सियों की सहायता से ATM को उखाड़कर ले जाया गया।
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सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें पाँच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गईं।
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क्षेत्र के सभी CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चार–पाँच टीमें तलाशी में जुटी हैं।
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शुरुआती जांच बताती है कि आरोपी जबलपुर की ओर भागे हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द गिरफ्तारी संभव है।
जबलपुर में एक दिन पहले असफल प्रयास—स्थानीय लोगों ने बचाया ATM
इस साहसी चोरी से एक दिन पहले, शुक्रवार तड़के 2 बजे, जबलपुर जिले के गोसलपुर बस स्टैंड पर चोरों ने गैस कटर से ATM खोलने की कोशिश की थी।
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चिंगारियों को देखकर स्थानीय लोग सतर्क हो गए।
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उन्होंने शोर मचाया और चोरों पर पत्थर बरसाए।
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हड़बड़ाए चोर ATM वहीं छोड़कर भाग गए।
यह घटना अब कटनी की चोरी का सीधा प्रीकर्सर साबित हो रही है—मानो गैंग ने एक जगह नाकाम होने के बाद दूसरी जगह हमला बोलने का फैसला किया हो।
सुरक्षा पर बड़े सवाल: पुलिस थाने के पास कैसे हो गई इतनी बड़ी वारदात?
वारदात का स्थान पुलिस स्टेशन से कुछ ही मीटर की दूरी पर होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि गैंग के पास विस्तृत रूट प्लानिंग, वाहन बदलाव रूट और स्थानीय इलाक़े की जानकारी थी।
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CCTV पर स्प्रे का उपयोग बताता है कि अपराधी प्रशिक्षित और संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं।
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यह घटना मध्य प्रदेश में ATM सुरक्षा को लेकर पहले से जारी चिंताओं को और गहरा करती है, खासकर छोटे शहरों के थाना क्षेत्रों में जहाँ पुलिस गश्त सीमित रहती है।
ATM चोरी क्यों बढ़ रही है? — व्यापक संदर्भ और सुरक्षा पहलू
ATM चोरी की घटनाएँ आमतौर पर उन ज़िलों में बढ़ती हैं जहाँ:
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हाइवे कनेक्टिविटी आसान हो
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पुलिस प्रतिरक्षा कमजोर हो
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बैंक बूथों में सुरक्षा गार्ड रात में तैनात न हों
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अलार्म और GPS ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ सक्रिय न हों
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बैंकों में एंटी-लिफ्ट अलार्म, GPS ट्रैकिंग, और इंटीग्रेटेड सायरन सिस्टम तक सक्रिय नहीं होते, जिससे चोरी आसान हो जाती है।
आगे की कार्रवाई और पड़ोसी जिलों में हाई अलर्ट
कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिले में अलर्ट जारी किया गया है।
पुलिस हाइवे टोल प्लाज़ा, पेट्रोल पंप और निजी CCTV फुटेज की मदद से पिकअप का रूट ट्रेस कर रही है।
फॉरेंसिक टीम ATM बूथ से मिले रबर और रस्सियों के टुकड़ों की जाँच कर रही है ताकि गैंग की पहचान के तकनीकी सुराग मिल सकें।
