अतिवृष्टि से प्रभावितों को तत्काल राहत: विधान परिषद सदस्य ने कमिश्नर से की मुलाकात
महोबा: विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर ने अतिवृष्टि से हुए फसल और मकानों के नुकसान पर चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर से बात कर तत्काल राहत और क्षतिपूर्ति की मांग की।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 27 अगस्त 2026
हाल ही में हुई भीषण अतिवृष्टि के कारण बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा जनपदों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। फसलों और कृषि भूमि के व्यापक नुकसान के साथ-साथ कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान भी ढह गए हैं। इस आपदा की घड़ी में प्रभावित किसानों और परिवारों की मदद के लिए विधान परिषद सदस्य (MLC) जितेन्द्र सिंह सेंगर ने तत्काल राहत एवं क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग को लेकर चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर से फोन पर वार्ता की।
जितेन्द्र सिंह सेंगर, जो बांदा-हमीरपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कमिश्नर को स्थिति से अवगत कराते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने और नियमानुसार उचित राहत एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से किसानों की फसलों और कृषि भूमि को हुए नुकसान का शीघ्रता से आकलन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी राहत की मांग
MLC सेंगर ने अपनी बातचीत में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए या ध्वस्त हुए मकानों के प्रभावित परिवारों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि ऐसे परिवारों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता और राहत राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे पुनर्वास की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
कमिश्नर ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर ने विधान परिषद सदस्य को आश्वस्त किया कि प्रभावित किसानों का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए शासन को शीघ्र रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही, मकान क्षति से प्रभावित परिवारों को भी नियमानुसार राहत एवं सहायता दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों की समस्याओं को हल करने का संकल्प
जितेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि आपदा के इस मुश्किल समय में अन्नदाता और प्रभावित परिवार अकेले नहीं हैं। उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और हरसंभव सहायता व राहत सुनिश्चित कराने के लिए वह निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
