अतिवृष्टि: कलेक्टर-एसपी ने बांध का निरीक्षण किया, पानी छोड़ा
जिले में मूसलाधार बारिश के चलते कलेक्टर और एसपी ने शहर और आसपास के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। गोपीकृष्ण सागर बांध से पानी छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | 4 सितंबर 2026
जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए, कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने शुक्रवार को शहर एवं आसपास के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जल स्रोतों के पास न जाने की सलाह दी।
अधिकारियों के निरीक्षण का सिलसिला सिंगवासा तालाब से शुरू हुआ। यहां पहुंचने पर उन्होंने तालाब के जलस्तर और आसपास की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर श्री कन्याल ने मौजूद लोगों से अपील की कि बारिश के दौरान सभी जल स्रोतों, जैसे तालाबों और नदियों के बहुत करीब न जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और पानी से पर्याप्त दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद, दल ने नानाखेड़ी पुलिया का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने नगरीय प्रशासन को क्षेत्र में साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। आम नागरिकों से भी इस पुलिया के आसपास अनावश्यक रूप से न रुकने की गुजारिश की गई।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों और पुल-पुलियों का गहन मुआयना
बारिश की विकट स्थिति को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर और एसपी ने मणिधारी गार्डन के सामने स्थित पुलिया, दो खंभा क्षेत्र और भुजरिया तालाब जैसे संवेदनशील स्थानों का भी निरीक्षण किया। इन संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से नागरिकों को दूर रखने के निर्देश दिए गए। मारुति शोरूम से होते हुए अधिकारी गोपीकृष्ण सागर बांध तक पहुंचे, जहाँ उन्होंने बांध की वर्तमान स्थिति और जल प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।
गोपीकृष्ण सागर बांध से छोड़ा गया पानी, 164.44 क्यूमेक्स जल निष्कासित
गोपीकृष्ण सागर बांध पर उपखंड अधिकारी (एसडीओ) ने अधिकारियों को बांध की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांध के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही अतिवृष्टि के कारण लगातार पानी की आवक बढ़ रही है। बांध में जलस्तर को नियंत्रित बनाए रखने के लिए बांध के गेट खोले गए हैं। वर्तमान में, गेट क्रमांक-1, 4 एवं 5 बंद रखे गए हैं, जबकि गेट क्रमांक-2 को 0.50 मीटर और गेट क्रमांक-3 को 1.00 मीटर तक खोला गया है। इन दो गेटों से कुल 1.50 मीटर का फासला बनाकर, गेट क्रमांक-2 और 3 से लगभग 164.44 क्यूमेक्स (cubic meters per second) जल निष्कासित किया जा रहा है।
चोपट नदी किनारे बसे गांवों के लिए चेतावनी जारी
बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए, रूठियाई क्षेत्र में चोपट नदी के तट किनारे बसे गांवों के नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। रूठियाई, अजरोड़ा, ब्रसंगपुरा (बुद्धापुरा), दावतपुरा, बालाभेंट, कोटरा और भुलाय गांवों के निवासियों से कहा गया है कि वे अपने मवेशियों को चोपट नदी के किनारे से दूर रखें और सतर्क रहें। यह कदम नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि से उत्पन्न होने वाले खतरों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
तेज बारिश के दौरान डैम क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक तेज बारिश जारी है, तब तक डैम क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और नौका विहार (बोटिंग) जैसी गतिविधियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बांध के आसपास जाने से रोका जाना चाहिए और वाहनों का प्रवेश भी नियंत्रित किया जाना चाहिए। आवश्यकतानुसार, बैरिकेडिंग और गेट लगाकर अनधिकृत प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं। यह व्यवस्था भारी वर्षा की चेतावनी समाप्त होने तक जारी रहेगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
