अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में एक और स्टॉल क्षतिग्रस्त, क्षतिपूर्ति की मांग
इटारसी में नगर पालिका की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गया। वकील ने जवाबदेही तय कर उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | इटारसी | 3 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के इटारसी में नगर पालिका की अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक लापरवाही का मामला सामने आया है। गोवर्धन बेकरी वाली गली में पुराने स्टॉल हटाए जा रहे थे, तभी एक स्टॉल को हटाते समय उसके बगल में खड़ा दूसरा पुराना स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पीड़ित स्टॉल संचालक को नुकसान की भरपाई का आश्वासन नहीं मिलने से नाराजगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका की अतिक्रमण टीम ने आज कुछ पुराने ठेलों को हटाने की कार्रवाई की। इसी क्रम में जब एक स्टॉल को हटाया जा रहा था, तो अप्रत्याशित रूप से उसके बगल में स्थित एक अन्य स्टॉल को नुकसान पहुंचा। क्षतिग्रस्त स्टॉल को हटाने की कार्रवाई की सूची में शामिल नहीं किया गया था, फिर भी उसमें एक बड़ा छेद हो गया और अन्य क्षति दिखाई दे रही है।
क्षतिपूर्ति की मांग और प्रशासन पर सवाल
इस मामले में वकील एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाना एक आवश्यक सरकारी कार्रवाई है और नियमानुसार इसमें किसी को आपत्ति नहीं है। परंतु, एक संपत्ति को हटाते समय किसी दूसरी निर्दोष व्यक्ति की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर लापरवाही है। इस नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह सवाल अनुत्तरित है।
एडवोकेट आर्य ने बताया कि जो स्टॉल क्षतिग्रस्त हुआ है, वह पहले सिंधी कॉलोनी की चौपाटी क्षेत्र में संचालित होता था। चौपाटी के हटने के बाद इसे गोवर्धन बेकरी वाली गली की ओर स्थानांतरित किया गया था। अचानक हुई इस क्षति से संचालक परेशान है।
जांच और उचित मुआवजे की तत्काल आवश्यकता
एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य ने नगर पालिका प्रशासन से इस घटना का तत्काल संज्ञान लेने और विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया है। उनकी मांग है कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि नुकसान नगर पालिका की कार्रवाई के दौरान ही हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, स्टॉल संचालक को हुए नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “कार्रवाई नियम से हो, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति की संपत्ति का नुकसान हो तो उसकी जवाबदेही भी तय हो।” इस बयान से यह स्पष्ट है कि प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाइयों में अधिक सावधानी बरतने और आमजन की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
