अतिक्रमण हटा, पर स्कूल भवन निर्माण की मांग पर अड़े छात्र
सागर के रसेना में छात्रों ने स्कूल भवन निर्माण, खेल मैदान व पेयजल की कमी पर हाईवे जाम किया। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया, पर भवन निर्माण का मुद्दा अनसुलझा है।

संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट
द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 24 अगस्त 2026
सागर जिले की देवरी तहसील के रसेना गांव में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्कूल भवन निर्माण में देरी, खेल मैदान पर अतिक्रमण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर सोमवार को महाराजपुर-सहजपुर-केसली हाईवे पर करीब दो घंटे तक चक्का जाम कर आवागमन बाधित किया। छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर खेल मैदान और हैंडपंप की भूमि से अतिक्रमण हटाया, लेकिन स्कूल भवन निर्माण का मुख्य मुद्दा अभी भी अनसुलझा है।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि स्कूल के नए भवन के निर्माण की स्वीकृति करीब एक वर्ष पूर्व मिल चुकी थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। वर्तमान में स्कूल का संचालन ग्राम रसेना स्थित कृषि विभाग के भवन में किया जा रहा है, जहाँ विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, स्कूल के लिए आवंटित खेल परिसर पर भी स्थानीय निवासियों, विशेषकर दीपेश बैरागी और उनके परिवार द्वारा कथित तौर पर अतिक्रमण किया गया था। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस सरकारी हैंडपंप से वे पानी भरते थे, उस पर भी अतिक्रमण हो गया था, जिसके चलते उन्हें पानी के लिए एक किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा था।
प्रशासन की कार्रवाई और प्राचार्य की सुरक्षा चिंता
हाईवे जाम की सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद, नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान और महाराजपुर थाना प्रभारी अजय भदौरिया पुलिस बल के साथ ग्राम रसेना पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और खेल परिसर एवं सरकारी हैंडपंप की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। नायब तहसीलदार दीवान ने पुष्टि की कि अतिक्रमण हटा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल भवन निर्माण का मामला शिक्षा विभाग से संबंधित है और वे ही इस पर जानकारी दे सकते हैं।
इस बीच, रसेना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य प्रभात लोधी ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण करने वाले बैरागी परिवार की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। प्राचार्य ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा प्रदान करने और झूठे मामलों में फंसाए जाने की आशंका को देखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य के इन आरोपों की भी प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच की मांग की गई है।
पूर्व मंत्री का सरकारी लापरवाही पर सवाल
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने इस घटना के लिए अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि रसेना स्कूल के नए भवन की स्वीकृति उनके कार्यकाल में हुई थी, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। यादव ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों को सुरक्षित भवन, पेयजल और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज अनसुनी की गई। इसी हताशा में उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। हालांकि, अतिक्रमण हटाए जाने से छात्रों का तात्कालिक विरोध शांत हुआ है, लेकिन स्कूल भवन निर्माण और अन्य सुविधाओं का मुद्दा अभी भी गरमाया हुआ है। अभिभावकों और ग्रामीणों की नजरें अब शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह कब तक नए भवन का निर्माण कार्य शुरू करवाता है और स्कूल में मूलभूत सुविधाओं को लेकर स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है।
