अटेर में पीडीएस राशन की कालाबाजारी का खुलासा, प्रशासन ने दुकान और घर सील किए
भिंड जिले के अटेर में सरकारी राशन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने सहायक के घर से सरकारी अनाज और आंगनवाड़ी सामग्री...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 25 अक्टूबर 2026
भिंड जिले के अटेर विकासखंड के ग्राम निवारी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आवंटित राशन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। कलेक्टर पवन कुमार जैन को 24 अक्टूबर 2026 की शाम को शिकायत मिली थी कि सहकारी समिति के सचिव वीरेंद्र यादव के सहायक मनोज बघेल ने पीडीएस ट्रक से राशन अपने घर में उतारा है। इस सूचना के तत्काल बाद कलेक्टर ने एसडीएम अटेर विनोद सिंह को मामले की जांच के निर्देश दिए।
आवास पर औचक निरीक्षण में गेहूं और आंगनवाड़ी सामग्री जब्त
एसडीएम विनोद सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने अगले दिन, 25 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे ग्राम निवारी के बघेलन के पुरा स्थित मनोज कुमार बघेल के आवास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, घर की टंकियों और बैठक कक्ष से मध्य प्रदेश सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की नौ बोरियों में गेहूं बरामद हुआ। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले आटा-बेसन लड्डू प्रिमिक्स और गेहूं सोया बर्फी प्रिमिक्स की दो पैक बंद बोरियां भी जब्त की गईं। मौके पर तेरह बोरी बाजरा, दो बोरी सरसों और कुछ खाली बोरियां भी पाई गईं। प्रशासन ने इन सामग्रियों की बरामदगी के बाद संबंधित कमरे को तत्काल सील कर दिया।
उचित मूल्य दुकान से भी राशन की बोरियां मिलीं, दुकान सील
जांच टीम ने दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राम निवारी की उचित मूल्य दुकान का भी निरीक्षण किया। यह दुकान रामनरेश शर्मा के निजी मकान में संचालित हो रही थी। गोदाम में चावल की चवालीस और गेहूं की एक सौ बहत्तर बोरियां मिलीं। सहायक मनोज बघेल ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि 24 अक्टूबर को राशन की खेप उतारी गई थी। प्रशासन ने अनियमितताओं को देखते हुए उचित मूल्य दुकान को भी सील कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू, जनसहयोग की अपील
प्रशासन ने इस मामले में दोषियों के विरुद्ध सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे पीडीएस राशन से संबंधित किसी भी गड़बड़ी या कालाबाजारी की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
