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आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय वृद्धि के लिए छठे दिन भी प्रदर्शन जारी

फर्रुखाबाद में आशा और आशा संगिनियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर छठे दिन भी धरना दिया। मांगों पर कार्रवाई न...

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•संवाददाता: संदीप तिवारी
आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय वृद्धि के लिए छठे दिन भी प्रदर्शन जारी

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 6 अक्टूबर 2026

फर्रुखाबाद में आशा और आशा संगिनियों का मानदेय वृद्धि के लिए आंदोलन सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। कार्यकत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई के अनुपात में अपने मानदेय में पर्याप्त वृद्धि की मांग पर जोर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपना कार्यबहिष्कार जारी रखेंगी।

आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन जिम्मेदारियों के अलावा, उन्हें समय-समय पर कई अतिरिक्त कार्य भी सौंपे जाते हैं। हालांकि, महंगाई की दर में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन उनके मानदेय में वैसी बढ़ोतरी नहीं हुई है जैसी होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है, पर अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

सात सूत्रीय मांगों पर सौंपा ज्ञापन

धरना प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सा अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ उनकी अन्य मांगों पर भी तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। संगठन ने एक से पंद्रह अक्टूबर तक के लिए सामूहिक कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया है। कार्यकत्रियों ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देंगी।

इस धरना प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष शिप्रा सक्सेना, गंगोत्री, करिश्मा, सुनीता, शीतला, रीमा, रंजना देवी और रामकुमारी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां और आशा संगिनियां शामिल हुईं। सभी ने एक स्वर से अपनी मांगों के पूर्ण समाधान न होने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।