Article 370' सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, यामी गौतम 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री'
नई दिल्ली में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा हुई। 'Article 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान मिला, जबकि यामी गौतम को 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' चुना गया। शाश्वत सचदेव को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में 'Article 370' फिल्म ने तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर अपनी छाप छोड़ी है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने की पृष्ठभूमि पर आधारित इस थ्रिलर फिल्म को 'सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म' के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
फिल्म में कश्मीर घाटी में खुफिया अभियानों को अंजाम देने वाली इंटेलिजेंस ऑफिसर ज़ूनी हक़सार के सशक्त किरदार को निभाने के लिए अभिनेत्री यामी गौतम धर को 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है। यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
'Article 370' की बड़ी जीत
विज्ञान भवन में घोषित किए गए पुरस्कारों में 'Article 370' ने 'सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म' का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त किया है। इस पुरस्कार के साथ फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कलात्मक और कथात्मक उत्कृष्टता को साबित किया है।
यह फिल्म जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील राजनीतिक परिदृश्य और भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के ऐतिहासिक फैसले की पृष्ठभूमि में एक इंटेलिजेंस ऑफिसर के दृष्टिकोण से बुनी गई है। फिल्म ने न केवल एक जटिल राजनीतिक मुद्दे को पर्दे पर उतारा, बल्कि दर्शकों को थ्रिल और सस्पेंस से भी बांधे रखा। तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों पर कब्जा करना इस बात का प्रमाण है कि फिल्म ने अपनी कहानी कहने की क्षमता, तकनीकी उत्कृष्टता और प्रभावशाली अभिनय से जूरी का दिल जीता है।
फिल्म के संगीतकार शाश्वत सचदेव को भी 'सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनके संगीत ने फिल्म की कहानी और भावनाओं को गहराई प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सचदेव का संगीत फिल्म के थ्रिलर तत्वों को उजागर करने और कश्मीर की पृष्ठभूमि को जीवंत करने में अत्यंत प्रभावी रहा।
यामी गौतम का ऐतिहासिक पल
अभिनेत्री यामी गौतम धर को 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके अभिनय करियर के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने फिल्म में इंटेलिजेंस ऑफिसर ज़ूनी हक़सार का किरदार इतनी शिद्दत से निभाया था कि वह दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ गई। इस किरदार के लिए यामी ने गहन शोध किया और अपनी भूमिका में पूर्णता लाने के लिए कड़ी मेहनत की।
पुरस्कार मिलने के बाद यामी गौतम ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए सिर्फ एक अवार्ड नहीं, बल्कि एक बड़े सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम, निर्देशक आदित्य धर और दर्शकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने फिल्म को इतना सफल बनाया। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया।
यामी के लिए यह पुरस्कार उनके बहुआयामी अभिनय कौशल का प्रमाण है। उन्होंने इस किरदार में एक महिला अधिकारी की बहादुरी, दृढ़ संकल्प और व्यावसायिकता को बखूबी दर्शाया, जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से नहीं डरती।
फिल्म के पीछे की टीम
'Article 370' फिल्म की सफलता में केवल यामी गौतम का अभिनय ही नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान रहा है। निर्देशक आदित्य धर ने एक संवेदनशील और विवादास्पद विषय को बड़ी कुशलता से पर्दे पर उतारा। उन्होंने कहानी में भावनात्मक गहराई लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। फिल्म के पटकथा लेखन, छायांकन, संपादन और अन्य तकनीकी पहलुओं को भी सराहा गया है।
यह पुरस्कार 'Article 370' फिल्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा न केवल मनोरंजन प्रदान करने में सक्षम है, बल्कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर भी प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकता है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है।
