आर्थिक आरक्षण की मांग, परशुराम सेवा समिति ने सौंपा राष्ट्रपति को ज्ञापन
परशुराम सेवा समिति ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और UGC ड्राफ्ट विनियम-2025 वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 24 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश की परशुराम सेवा समिति ने सोमवार को आर्थिक आरक्षण लागू करने और यूजीसी के मसौदा नियमों पर पुनर्विचार की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इटावा में समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील सम्राट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राकेश कुमार को यह ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की वकालत की गई है।
ज्ञापन में विशेष रूप से यूजीसी ड्राफ्ट विनियम-2025 को तत्काल वापस लेने और प्रस्तावित आरक्षण संशोधन पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। समिति का तर्क है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी नीतियां संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 की मूल भावना के अनुरूप होनी चाहिए, जो समानता के अधिकार की बात करते हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए समान अवसर की वकालत
समिति ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की अपनी मांग को प्रमुखता से उठाया है। उनका मानना है कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श करने और समाज के विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील सम्राट ने स्पष्ट किया कि समिति का उद्देश्य किसी भी वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा और रोजगार में अवसरों की समानता एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख हस्तियां शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान परशुराम सेवा समिति के संरक्षक अनिल दुबे, प्रदेश महामंत्री विनय कुमार द्विवेदी, भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी केके त्रिपाठी, सर्वेश कुमार शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेंद्रदेव दुबे, गोपाल जी मिश्रा, अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अंशुल पाण्डेय, धर्मेंद्र दुबे, युवा जिलाध्यक्ष राज तिवारी, गोपाल मिश्रा सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समिति के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हित में आवश्यक कदम उठाएगी।
