आरोन में श्री अम्बरीष देव जी की भव्य पालकी शोभायात्रा संपन्न
आरोन में श्री माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा श्री अम्बरीष देव जी महाराज की चौथी भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 27 अक्टूबर 2026
आरोन नगर में सोमवार को श्री अम्बरीष देव जी महाराज की भव्य पालकी शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। श्री माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का यह लगातार चौथा वर्ष रहा है। सुबह दस बजे सेजी मोहल्ला स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा सदर बाजार और गुलाबगंज मेन मार्केट से होते हुए बारा हनुमान मंदिर पहुंची। अंत में बायपास रोड स्थित अम्बिका मैरिज गार्डन में शोभायात्रा का समापन हुआ। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर और जयकारे लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
धार्मिक परंपराओं का उत्सव और प्रतिभा सम्मान
अम्बिका मैरिज गार्डन में शोभायात्रा के समापन के उपरांत अतिथि स्वागत और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान कलश स्थापना के साथ विशेष पूजन एवं आरती की गई, जिसमें समाजजनों ने सुख-समृद्धि की कामना की। इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया और भक्तिमय वातावरण का अनुभव किया। कार्यक्रम में महिला मंडल ने मंच पर मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। प्रस्तुतियों में पारंपरिक गीतों और नृत्यों का सुंदर संगम देखने को मिला, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इसी अवसर पर समाज की प्रतिभावान हस्तियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित किया गया, ताकि नई पीढ़ी को विशेष प्रोत्साहन मिल सके। इन प्रतिभाओं में शैक्षणिक, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदस्य शामिल थे।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
इस आयोजन को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष नाथूलाल सोनी ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस परंपरा को नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। सोनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सामूहिक रूप से ऐसे आयोजनों में भाग लेने से आपसी संबंधों में मजबूती आती है और समाज के सदस्यों के बीच अपनत्व की भावना विकसित होती है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना है, बल्कि समाज की एकजुटता को भी मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और पूर्वजों द्वारा स्थापित मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। आयोजन को सफल बनाने में नवयुवक मंडल की सक्रिय भूमिका की सराहना की गई। नवयुवक मंडल ने शोभायात्रा के प्रबंधन, अतिथियों के सत्कार और कार्यक्रम के अन्य सभी व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन अवसर पर आयोजित सामूहिक भोज में समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिसने सामाजिक सौहार्द को और बढ़ाया। यह सामूहिक भोज आपसी मेलजोल और विचारों के आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ। आयोजन समिति ने इस उत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उन स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया जिन्होंने निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दीं। इस धार्मिक उत्सव ने नगर में आध्यात्मिक वातावरण का संचार किया और सभी प्रतिभागियों के दिलों में एक सुखद स्मृति छोड़ी।
