आरोन में कांग्रेस का मार्च, चुनाव आयोग और बिजली संकट पर उठाए सवाल
राघौगढ़ के विधायक जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोन में पैदल मार्च निकालकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर धांधली का आरोप लगाया...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 16 अक्टूबर 2026
राघौगढ़ के विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को आरोन में एक जोरदार 'हल्ला बोल' पैदल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन स्थानीय सर्किट हाउस से शुरू होकर डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचा, जहाँ कार्यकर्ताओं ने एसडीएम मंजूषा खत्री को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को रखा।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
इस अवसर पर बोलते हुए, जयवर्धन सिंह ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन ने इन अनियमितताओं के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सिंह के अनुसार, देश भर से तेरह करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पहले नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट के पास होता था, लेकिन इस बार अधिकारियों की आईडी को लॉक कर दिया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है। विधायक ने राघौगढ़ के एक मतदाता का नाम शाजापुर की सूची में जोड़ दिए जाने का उदाहरण देते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा प्रमाण बताया।
बिजली संकट और भारी बिलों से जनता त्रस्त
कांग्रेस विधायक ने क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट पर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि जैसे पावन पर्व के दौरान भी आरोन और इसके ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली कटौती जारी है। इसके साथ ही, उन्होंने बिजली बिलों में विसंगतियों पर भी निशाना साधा। सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि एक सामान्य महिला को बाईस सौ रुपये का बिजली बिल थमाया गया है, जबकि समाचारों के अनुसार ग्वालियर में सिंधिया महल का बिल भी लगभग इतना ही आ रहा है। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह स्थिति स्पष्ट करती है कि शासन किस तरह आम जनता का आर्थिक शोषण कर रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो जन आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
