आरोन में अवैध क्लीनिकों का मकड़जाल, स्वास्थ्य विभाग की भूमिका संदिग्ध
आरोन नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और पंजीकरण के चल रहे क्लीनिकों से मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 28 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के आरोन नगर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिना मेडिकल डिग्री और आवश्यक सरकारी पंजीकरण के संचालित हो रहे अवैध क्लीनिकों का जाल तेजी से फैल रहा है। इन क्लीनिकों में उपचार के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जबकि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।
आरोन के मुख्य बाजारों, कॉलोनियों, बस स्टैंड और अस्पताल रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर धड़ल्ले से चल रहे इन क्लीनिकों में कार्यरत व्यक्तियों के पास न तो कोई वैध मेडिकल डिग्री है और न ही उनके संचालन के लिए आवश्यक सरकारी पंजीकरण। इसके बावजूद, वे खुद को एमबीबीएस और एमडी बताकर आम जनता का उपचार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन अवैध क्लीनिकों में मरीजों को अंधाधुंध इंजेक्शन, ग्लूकोज और एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं। कुछ जगहों पर तो छोटे-मोटे ऑपरेशन भी किए जाने की खबरें सामने आई हैं, जो मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। गलत इलाज के कारण कई मरीजों की हालत बिगड़ने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
ग्रामीण अंचलों में समस्या का विस्तार
स्थानीय नागरिकों और पीड़ितों के परिजनों का आरोप है कि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी की कथित मौन सहमति और विभागीय संरक्षण के चलते यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब और लाचार मरीज अक्सर कम फीस के लालच में इन क्लीनिकों के झांसे में आ जाते हैं। इन क्लीनिकों में पहले मरीजों का शोषण किया जाता है और फिर जब उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ जाती है, तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
जनहानि की आशंका और प्रशासन की निष्क्रियता
आम जनता ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और इन अवैध क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों में यह डर व्याप्त है कि यदि समय रहते इन पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जाने की सूचना नहीं है, जिससे नागरिकों में रोष और चिंता का माहौल है।
