आरोन मंडी में अतिक्रमण पर प्रशासन का चाबुक, 6 वाहन चालकों पर जुर्माना
आरोन कृषि उपज मंडी में यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए प्रशासन ने औचक निरीक्षण किया। नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहन चालकों पर...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 22 अक्टूबर 2026
आरोन कृषि उपज मंडी परिसर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने गुरुवार को एक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, मंडी परिसर में अव्यवस्था फैला रहे और नीलामी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। एसडीएम मंजुषा खत्री के निर्देशन में तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन ने पुलिस बल और मंडी कर्मचारियों के साथ मिलकर यह अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि नीलामी के लिए आए कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आड़े-तिरछे खड़ा कर दिया गया था, जिससे मंडी परिसर में आवागमन बाधित हो रहा था। इसके अतिरिक्त, कुछ अनाधिकृत कारें और बोलेरो जैसे वाहन भी परिसर में गैर-कानूनी रूप से खड़े थे। प्रशासन की टीम ने तत्काल इन सभी वाहनों को व्यवस्थित कराया और परिसर से बाहर निकलवाया।
व्यवस्था भंग करने वालों पर कार्रवाई
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन ने माइक के माध्यम से किसानों और वाहन चालकों को सचेत करते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई भी वाहन चालक मंडी परिसर में रास्ता अवरुद्ध कर वाहन खड़ा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत, कुल छह वाहनों का चालान काटा गया और उनसे 3000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इस कार्रवाई में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन के साथ थाना आरोन के बीट प्रभारी प्रधान आरक्षक जितेंद्र गुर्जर, प्रधान आरक्षक रविन्द्र रघुवंशी, मंडी निरीक्षक और अन्य पुलिस बल के जवान भी उपस्थित रहे। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि मंडी में आने वाले सभी लोगों के लिए यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है, ताकि नीलामी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके और किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
भविष्य में भी जारी रहेगी निगरानी
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी मंडी परिसर की व्यवस्था और यातायात नियमों के अनुपालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस तरह की कार्रवाई से न केवल मंडी में सुगमता आएगी, बल्कि किसानों और व्यापारियों के लिए भी एक व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित होगा, जिससे उपज की नीलामी प्रक्रिया और अधिक प्रभावी ढंग से पूरी हो सकेगी।
