आरोन छात्रावास में अव्यवस्था: सफाई के अभाव से छात्राओं में भय
आरोन नगर परिषद के विकास कार्यों के दावों के बीच कन्या विमुक्त जाति छात्रावास की बदहाल सफाई व्यवस्था ने सवाल खड़े कर दिए हैं। महीनों से सफाई न होने से छात्राओं में असुरक्षा का माहौल है।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 20 अगस्त 2026
आरोन नगर परिषद द्वारा शहर में विकास कार्यों और बेहतर व्यवस्थाओं के लगातार किए जा रहे दावों के बीच एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। नगर के कन्या विमुक्त जाति छात्रावास में महीनों से साफ-सफाई का अभाव है, जिससे यहां रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। परिसर में अत्यधिक झाड़ियां उग आई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के अनुसार, परिसर की सफाई व्यवस्था पिछले कई महीनों से उपेक्षित है। सफाई न होने के कारण छात्रावास परिसर में झाड़ियां काफी बढ़ गई हैं, जिससे सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं के आने का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति से छात्राओं और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर गहरा भय और चिंता व्याप्त है। छात्राओं के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण यह मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
अधिकारियों को सूचना, फिर भी कार्रवाई शून्य
सूत्रों के अनुसार, छात्रावास की सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर नगर परिषद के मुख्य नगर अधिकारी (सीएमओ) को लिखित सूचना दी जा चुकी है। इसके बावजूद, अब तक छात्रावास परिसर में सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात के मौसम से पहले इन झाड़ियों और गंदगी को नहीं हटाया गया, तो कीड़े-मकोड़ों और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा, जो छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।
सुरक्षा की मांग, जिम्मेदार कब लेंगे संज्ञान?
नागरिकों ने नगर परिषद से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेने और छात्रावास परिसर का निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष सफाई अभियान चलाकर झाड़ियों को हटवाने और पूरे परिसर को स्वच्छ बनाने की अपील की है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि छात्रावास केवल एक इमारत नहीं, बल्कि छात्राओं के रहने और अध्ययन का पवित्र स्थान है, और इसलिए यहां साफ-सफाई व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। नियमित सफाई के साथ-साथ झाड़ियों की कटाई, कचरा निपटान और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव जैसे आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
नगर परिषद द्वारा शहर को स्वच्छ और विकसित बनाने के दावों के बीच, कन्या विमुक्त जाति छात्रावास की यह स्थिति जिम्मेदार संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। नागरिकों को अब इस बात का इंतजार है कि कब अधिकारी इस अनदेखी पर संज्ञान लेते हैं और छात्राओं को एक सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। यह मांग की जा रही है कि छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अविलंब सफाई कार्य संपन्न कराया जाए।
