आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में सवर्ण मोर्चा ने गुना में बुलाया बंद
सवर्ण संघर्ष मोर्चा ने आरक्षण नीति, यूजीसी के नए नियमों और एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग के विरोध में आगामी बुधवार को गुना नगर बंद...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 8 सितंबर 2026
सवर्ण संघर्ष मोर्चा ने वर्तमान आरक्षण नीति, यूजीसी के नए नियमों और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एससी/एसटी एक्ट) के कथित दुरुपयोग के विरोध में आगामी बुधवार, 10 सितंबर 2026 को गुना शहर में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने सरकार से इन नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
मोर्चा का मानना है कि वर्तमान आरक्षण प्रणाली देश के युवाओं के लिए अवसर की समानता के सिद्धांत का उल्लंघन करती है और इसे योग्यता-आधारित प्रणाली से बदला जाना चाहिए। इसी प्रकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में जारी किए गए नियमों को भी छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक बताया गया है। मोर्चा के नेताओं ने जोर देकर कहा कि ये नियम उच्च शिक्षा में प्रवेश और नियुक्तियों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हो सकता है।
आंदोलन की मुख्य माँगें
पत्रकार वार्ता के दौरान, मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में तत्काल संशोधन की मांग की, जिसका आधार 'मेरिट का सम्मान' और 'अवसरों में समानता' हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान आरक्षण नीति युवाओं के भविष्य के लिए हानिकारक है और इसे अधिक न्यायसंगत बनाने की आवश्यकता है। मोर्चा के अनुसार, केवल मेरिट के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं को उनका उचित स्थान मिल सके।
इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए इसमें कड़े संशोधनों की वकालत की गई। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि इस कानून का इस्तेमाल व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने या झूठे आरोप लगाने के लिए किया जा रहा है, जिससे निर्दोष लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कानून का दुरुपयोग न हो और इसे निष्पक्ष रूप से लागू किया जाए।
आंदोलन की शुरुआत बुधवार सुबह 10:30 बजे शास्त्री पार्क से एक विशाल रैली के साथ होगी। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक जाएगी, जहाँ मोर्चा के सदस्य प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में उनकी सभी मांगों का विस्तृत उल्लेख होगा। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपना संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मौजूदा कानूनों में संशोधन नहीं करती और उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
मोर्चा ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों से इस बंद को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल सवर्ण समुदाय के लिए नहीं, बल्कि समाज में समानता और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए है। स्थानीय स्तर पर आंदोलन की तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं और विभिन्न वर्गों से समर्थन जुटाने का प्रयास जारी है। गुना शहर के व्यापारियों से भी बंद का समर्थन करने का आग्रह किया गया है।
