दिल्ली की हवा में हल्का सुधार, AQI ‘खराब’ श्रेणी में लौटा; कई इलाकों में अब भी ‘बहुत खराब’ हालात
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) घटकर...

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) घटकर 292 पर आ गया, जिससे यह ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में हालात बेहद चिंताजनक थे, जब 23 दिसंबर को AQI 412 तक पहुंचकर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हुआ था। पिछले दो दिनों में शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण स्तर में धीरे-धीरे गिरावट देखी गई है।
कहां रही हवा बेहतर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ मोबाइल ऐप के मुताबिक, सुबह 6.05 बजे तक तीन मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें लोधी रोड–IITM (AQI 160), लोधी रोड–IMD (194) और नजफगढ़ (188) शामिल हैं। यह संकेत देता है कि कुछ इलाकों में सांस लेने की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर हुई है।
कई इलाकों में अब भी ‘खराब’ हवा
हालांकि राजधानी के अधिकांश हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ बनी हुई है। आया नगर (212), सीआरआरआई मथुरा रोड (265), डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज (290), द्वारका सेक्टर-8 (282), आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 (238), आईआईटी दिल्ली (231), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (253) और मंदिर मार्ग (222) जैसे इलाकों में प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
‘बहुत खराब’ श्रेणी में कई हॉटस्पॉट
इसके बावजूद, दिल्ली के कई हिस्सों में हालात अब भी गंभीर हैं। आनंद विहार (377), बवाना (363), जहांगीरपुरी (372), नरेला (345), नेहरू नगर (346), सोनिया विहार (353) और विवेक विहार (361) जैसे इलाकों में AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जो लंबे समय तक रहने पर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।
GRAP चरण-IV में ढील
वायु गुणवत्ता में आई इस हल्की राहत को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 24 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-IV के प्रतिबंध हटा लिए। अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रदूषण स्तर में सुधार की यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में और रियायतों पर विचार किया जा सकता है।
एनसीआर में मिली-जुली स्थिति
दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता का हाल मिला-जुला रहा। हरियाणा के बहादुरगढ़ में AQI 301 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। गुरुग्राम का औसत AQI 270 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, हालांकि सेक्टर-51 स्थित एक मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 375 के साथ ‘बहुत खराब’ स्थिति दर्ज की गई। धारूहेड़ा में AQI 279 के साथ हवा ‘खराब’ श्रेणी में रही।
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद का औसत AQI 344 रहा, जहां सभी चार मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘बहुत खराब’ पाई गई। ग्रेटर नोएडा का AQI 362 रहा, जबकि नॉलेज पार्क-V (386) और नॉलेज पार्क-III (337) में भी स्थिति गंभीर रही। नोएडा में औसत AQI 334 दर्ज किया गया।
वाहनों पर सख्ती का असर
दिल्ली सरकार के उस फैसले का भी असर दिखा है, जिसके तहत केवल भारत स्टेज (BS)-6 मानकों वाले वाहनों को ही राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी गई। इस कदम से दिल्ली के बाहर पंजीकृत करीब 12 लाख पुराने वाहनों का प्रवेश रोका गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का बड़ा कारण बनता है। अनुमान है कि कुल कण प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक होती है, खासकर व्यस्त सड़कों और कॉरिडोरों में। उच्च उत्सर्जन वाले वाहनों पर रोक लगाकर प्रशासन प्रदूषण का बोझ घटाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की उम्मीद कर रहा है।
आगे की चुनौती
हालांकि मौजूदा सुधार राहत भरा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए निरंतर निगरानी, सख्त नियंत्रण और दीर्घकालिक नीतियों की जरूरत होगी। जब तक मौसम और मानवीय गतिविधियों दोनों पर संतुलित नियंत्रण नहीं होता, तब तक दिल्ली की हवा पूरी तरह सुरक्षित होना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
