अपर कलेक्टर के औचक निरीक्षण में सरकारी महकमों की खुली पोल, सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने झकनावदा में विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पीएम श्री स्कूल, आंगनवाड़ी, सहकारी संस्था और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुधार के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | झाबुआ | 8 अगस्त 2026
झाबुआ जिले के झकनावदा में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत चलाए जा रहे औचक निरीक्षणों की कड़ी में, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने शुक्रवार को विभिन्न शासकीय संस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीएम श्री स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहाँ कहीं भी कमी पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
अपर कलेक्टर सोलंकी ने केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहते हुए, संस्थानों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति को समझा। उन्होंने विद्यार्थियों, ग्रामीणों, मरीजों और संबंधित कर्मचारियों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं और सुविधाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और यह सुनिश्चित करना था कि लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।
पीएम श्री स्कूलों में बच्चों की शिक्षा पर जोर
अपर कलेक्टर ने झकनावदा स्थित एकीकृत पीएम श्री हाई सेकेंडरी स्कूल और पीएम श्री बालक प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्टाफ रजिस्टर, कक्षा-कक्षों की स्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय में उपलब्ध समग्र व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान, वे नर्सरी कक्षा के नन्हे-मुन्नों के बीच भी पहुंचे और उनसे आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से कविताएं सुनीं और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे। बच्चों के संतोषजनक जवाबों और उनके आत्मविश्वास को देखकर अपर कलेक्टर ने उनकी सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।
उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास विकसित करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर, इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य रमेश कुमार चौरसिया, हेमेंद्र कुमार जोशी, मोनू सोलंकी, दीपिका चौहान, आरती मिस्त्री, हर्षिता गोयल, खुशी राठौड़, निशा निनामा, रुपाली बैरागी, शीतल गोस्वामी और विद्यालय का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
आंगनवाड़ी में पोषण और विद्युत व्यवस्था की समीक्षा
इसके बाद, अपर कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से निर्धारित मेनू के अनुसार बच्चों को दिए जा रहे भोजन के बारे में पूछताछ की और उपस्थिति रजिस्टर का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, केंद्र में विद्युत व्यवस्था से संबंधित एक समस्या प्रकाश में आई। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल विद्युत आपूर्ति में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शासन की मंशा के अनुसार उच्च गुणवत्ता का पोषण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सहकारी संस्था में पारदर्शिता और किसान हित सर्वोपरि
अपर कलेक्टर ने आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था झकनावदा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था की कार्यप्रणाली, किसानों और ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेल्समैन से संस्था से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीणों और किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। संस्था की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित रखने के साथ-साथ ग्रामीणों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। अपर कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए और किसी भी हितग्राही को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की प्रमुख जिम्मेदारी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से सीधा संवाद और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झकनावदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा था। अपर कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र के विभिन्न हिस्सों, भवन की स्थिति, उपचार व्यवस्था और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसूताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है या नहीं, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध हैं या नहीं, दवाइयां सुलभ हैं या नहीं और अस्पताल में कर्मचारियों का व्यवहार कैसा है। मरीजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को मरीजों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर उपचार और सम्मान का हकदार है।
निरीक्षण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने झकनावदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को अपर कलेक्टर के समक्ष रखा। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे मशीन, बेहतर ब्लड सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला सुविधा और पोस्टमार्टम कक्ष की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। मीडिया प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के ग्रामीणों को कई आवश्यक जांचों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और धन दोनों की हानि होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन आवश्यक जांचों और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाता है, तो झकनावदा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने इन मांगों को गंभीरता से सुना और क्षेत्र की आवश्यकता को समझते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
जनसंवाद और त्वरित कार्रवाई बनी निरीक्षण की पहचान
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हुआ यह निरीक्षण अपनी जन-केंद्रित कार्यप्रणाली के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी संस्थाओं की व्यवस्थाओं को न केवल कागजों पर परखा, बल्कि मौके पर जाकर जमीनी हकीकत जानी। शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी और सहकारिता जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की व्यवस्थाओं का एक ही दौरे में विस्तृत जायजा लिया गया। बच्चों के साथ आत्मीय बातचीत, मरीजों और प्रसूताओं से सीधे स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना तथा ग्रामीणों की समस्याएं सुनना, इस निरीक्षण की प्रमुख विशेषताएं रहीं। इससे यह संदेश भी गया कि प्रशासन अब जन-केंद्रित और उत्तरदायी कार्यप्रणाली को अपना रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.एल. चौपड़ा, तहसीलदार ओम प्रकाश गोयल, कृषि अधिकारी विजय सिंगाड़, डॉ. शोभित शुक्ला सहित प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अपर कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के फलस्वरूप संबंधित विभागों में सक्रियता बढ़ी है। मौके पर सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए जाने से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करते हुए उनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
