अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: फर्रुखाबाद में बच्चों ने बुजुर्गों के लिखे पत्र, समाज कल्याण विभाग ने किया आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर फर्रुखाबाद के वृद्धाश्रम में समाज कल्याण विभाग ने आयोजन किया। बच्चों ने बुजुर्गों को पत्र लिखे, फल व वस्त्र बांटे गए।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 1 अक्टूबर 2026
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर फर्रुखाबाद के मुहम्मदाबाद स्थित वृद्धाश्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और विभिन्न पीढ़ियों के बीच जुड़ाव को मजबूत करना था। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य मिथिलेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने इस अवसर पर बुजुर्गों के अनुभवों और समाज में उनके योगदान को रेखांकित किया।
इस आयोजन का एक अत्यंत मार्मिक क्षण तब देखने को मिला जब राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों ने अपने दादा-दादी को संबोधित करते हुए स्नेहपूर्ण पत्र लिखे। इन पत्रों को वृद्धाश्रम में उपस्थित बुजुर्गों के समक्ष पढ़ा गया, जिससे उनमें अपनेपन और जुड़ाव का भाव प्रबल हुआ। छात्रों के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि वे बुजुर्गों के साथ हैं और पूरा समाज उनके परिवार की तरह उनका साथ निभाएगा। इन पत्रों में बच्चों ने अपनी दिनचर्या, स्कूल की बातें और बुजुर्गों के प्रति अपने प्रेम व सम्मान को व्यक्त किया, जिसने वृद्धाश्रम के वातावरण को और भी अधिक जीवंत बना दिया।
अतिथियों द्वारा बुजुर्गों का सम्मान और प्रेरणा
समारोह का औपचारिक शुभारंभ मिथिलेश अग्रवाल, कायमगंज के मंडल अध्यक्ष महेंद्र राजपूत और जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों को वस्त्र, फल और मिष्ठान्न वितरित कर सम्मानित किया। यह वितरण केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता और आदर व्यक्त करने का एक जरिया था। मिथिलेश अग्रवाल ने इस दौरान कई बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनके हालचाल जाने और उनके जीवन के अनुभवों को सुना।
मिथिलेश अग्रवाल ने बच्चों के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित वृद्धजनों को योग, लेखन और संगीत जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहकर अपना जीवन आनंदमय बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खुश रहकर जीवन जीना ही स्वस्थ रहने का सर्वोत्तम तरीका है। उन्होंने सुझाव दिया कि बुजुर्ग अपने ज्ञान और अनुभव को युवा पीढ़ी के साथ साझा कर सकते हैं, जिससे समाज को भी लाभ मिलेगा। यह सक्रियता न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें प्रसन्न और संतुष्ट रखती है।
वृद्धाश्रम के संचालक और अधीक्षक ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल बुजुर्गों के मनोबल को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें यह भी एहसास दिलाते हैं कि समाज उन्हें भूला नहीं है। इस कार्यक्रम ने वृद्धाश्रम के निवासियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी और उन्हें समाज से जुड़ाव का एक सुखद अनुभव प्रदान किया। उन्होंने आगे कहा कि समाज कल्याण विभाग ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वृद्धजनों को निरंतर सहयोग और सम्मान मिलता रहे। कार्यक्रम का समापन सभी के लिए एक सुखद और प्रेरणादायक अनुभव के साथ हुआ, जिसने वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का कार्य किया।
