अंतरिक्ष की नई सीमाएं लांघेगा भारत: पीएम मोदी का आह्वान
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम मोदी ने देशवासियों, वैज्ञानिकों और युवाओं से बड़े सपने देखने, नवाचार करने और अंतरिक्ष की नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 अगस्त 2026
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और आने वाले समय में देश को और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से बड़े सपने देखने, अधिक नवाचार करने तथा अंतरिक्ष की नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देश की आकांक्षाओं को तिरंगे और अंतरिक्ष से जोड़ते हुए कहा, “हाथ में तिरंगा है, सामने अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है। यही भारत के संकल्प की शक्ति है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिक्ष क्षेत्र केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की तकनीकी क्षमता, आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा को भी नई दिशा दे रहा है।
तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की ओर भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए वैश्विक क्रम में भारत लगातार अपने अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार कर रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा और क्षमता साबित की है। आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह आत्मनिर्भरता न केवल देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करती है।
युवा पीढ़ी और निजी क्षेत्र की भूमिका
प्रधानमंत्री ने देश की युवा पीढ़ी की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज की Gen-Z इंजीनियर, डिजाइनर, कोडर और वैज्ञानिक अत्याधुनिक तकनीकों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के बढ़ते प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की निजी स्पेस कंपनियां और स्टार्टअप अब देश के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी से नए अवसर, रोजगार और अत्याधुनिक तकनीकों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
वैश्विक आकर्षण और विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब वैश्विक निवेशकों और तकनीकी साझेदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। अंतरिक्ष आधारित सेवाओं, उपग्रह तकनीक, संचार, नेविगेशन और अन्य उभरते क्षेत्रों में भारत की क्षमता आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की अहम भूमिका होगी। इसके लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार, निजी क्षेत्र की भागीदारी और युवाओं की ऊर्जा को एक साथ आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस को भारत की उपलब्धियों का उत्सव ही नहीं, बल्कि भविष्य के बड़े संकल्पों का अवसर बताया।
