अंकुश समिति ने विकास प्राधिकरणों की अनियमितताओं पर की समीक्षा, न्याय दिलाने का निर्देश
विधान परिषद की अंकुश समिति ने विकास प्राधिकरणों में अनियमितताओं की समीक्षा की। सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के निर्देश...

Mahoba | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 9 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की अंकुश समिति ने बुधवार को लखनऊ स्थित विधान भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर विभिन्न विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषदों, जिला पंचायतों और नगर निगमों में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं पर गहन समीक्षा की। समिति के सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक का मुख्य एजेंडा सरकारी विकास संस्थाओं में होने वाले भ्रष्टाचार और धांधली को रोकना तथा आम जनता की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना था। सभापति सेंगर ने विशेष रूप से नगर विकास विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने इन विभागों के कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिक जब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन सरकारी निकायों का रुख करते हैं, तो उन्हें न्याय मिलना सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति भविष्य में भी इन प्रकरणों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखेगी ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सके और आम जनता को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
समिति और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में समिति के सदस्य अश्विनी त्यागी, रवि शंकर सिंह पप्पू भैया, सीपी चंद, बृजेश सिंह प्रिंशु, संतोष सिंह, डॉ. रतन पाल सिंह और अंगद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक स्तर पर, नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के साथ ही अनुज झा, विजय किरण आनंद, मनोज कुमार सिंह, सत्य प्रकाश पटेल और महेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। समिति ने अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट भी तलब की है, ताकि जमीनी स्तर पर सुधारों की स्थिति का आकलन किया जा सके।
