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आंगनवाड़ी में बच्चों को पिलाया जा रहा था दूषित पानी, टंकी में मिले कीड़े

मंदसौर के गरोठ क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र में पानी की टंकी में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर कार्रवाई की मांग की है।

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आंगनवाड़ी में बच्चों को पिलाया जा रहा था दूषित पानी, टंकी में मिले कीड़े

द क्लिफ न्यूज़ | मंदसौर | 1 अगस्त 2026

मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। चचावदा पठारी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-1 में बच्चों को कथित तौर पर गंदा और दूषित पानी पिलाया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी में लंबे समय से गंदगी जमा थी और उसमें कीड़े भी दिखाई दे रहे थे।

इस गंभीर लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने पानी की टंकी का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वायरल वीडियो में टंकी के अंदर जमा गंदे पानी और उसमें रेंगते हुए कीड़े स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और अन्य ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

अभिभावकों की चिंता और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस प्रकार की लापरवाही चिंताजनक है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित विभाग से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है कि भविष्य में केंद्र में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था बनी रहे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी का सेवन बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। इससे डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पेचिश, पीलिया और अन्य जलजनित रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कम होती है, जिससे वे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। लंबे समय तक अस्वच्छ पानी पीने से बच्चों के पोषण, शारीरिक विकास और उनकी पढ़ाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। दूषित पानी में मौजूद परजीवी कृमि संक्रमण (पेट के कीड़े) का कारण भी बन सकते हैं।

जांच अधिकारी की कार्रवाई

इस मामले में जांच अधिकारी रीना जिंजुरिया ने बताया कि वे मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उनके अनुसार, घटना के समय आंगनवाड़ी केंद्र में केवल 9 बच्चे ही उपस्थित थे। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के तीन-तीन दिन का वेतन काटने का नोटिस जारी किया है, जबकि केंद्र में कुल 50 बच्चों की उपस्थिति दर्ज है। पानी की टंकी के संबंध में, जांच अधिकारी ने कहा कि मौके पर ही उसकी साफ-सफाई करवा दी गई है।