अंडमान में संसदीय समिति की बैठक: शहरी योजनाओं की प्रगति पर मंथन
अंडमान-निकोबार में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक संपन्न हुई। सांसद माया नारोलिया ने PMAY-U 2.0 और अमृत योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

द क्लिफ न्यूज़ | स्वराज द्वीप | 3 सितंबर 2026
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के स्वराज द्वीप में भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय संबंधी संसदीय स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मंत्रालय के 'चेन्नई-अंडमान एवं निकोबार' अध्ययन दौरे का हिस्सा थी, जिसमें केंद्रीय शहरी विकास योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन पर गहन चर्चा हुई।
इस तीन दिवसीय अध्ययन दौरे के तहत हुई बैठक में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया सहित संसदीय समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे। बैठक में अंडमान एवं निकोबार केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधि, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग (DFS), श्री विजया पुरम नगर परिषद, HUDCO, NBCC, CPWD के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे अग्रणी वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
समीक्षा बैठक में केंद्रीय शहरी विकास की महत्वाकांक्षी योजनाओं, जैसे कि अमृत (AMRUT), स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन योजनाओं के तहत अब तक प्राप्त की गई उपलब्धियों, प्रभावी क्रियान्वयन के तरीकों और भविष्य की कार्ययोजनाओं का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। बैठक में द्वीप समूह में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार, सतत शहरी नियोजन और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने जैसे नीतिगत विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सुदूर क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का विकास
बैठक के उपरांत राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार देश के सुदूर और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को सुलभ आवास, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह समर्पित है। सांसद नारोलिया ने बताया कि समिति के इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य अंडमान-निकोबार जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप समूह में नागरिक सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप उन्नत करना और विकास कार्यों में आने वाली चुनौतियों का त्वरित एवं व्यावहारिक समाधान खोजना है।
