अनाहत सिंह बनीं जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन, रचा इतिहास
18 वर्षीय अनाहत सिंह ने 25 जुलाई 2026 को कनाडा में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | 26 जुलाई 2026
भारतीय स्क्वैश के इतिहास में 25 जुलाई 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत की 18 वर्षीय स्टार खिलाड़ी अनाहत सिंह ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 के गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे तीन गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर विश्व जूनियर चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही, अनाहत सिंह जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
यह जीत इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जूनियर महिला स्क्वैश में पिछले 15 वर्षों से मिस्र का दबदबा कायम था। अनाहत ने इस लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। स्क्वैश जगत में इस जीत को भारतीय खेलों के लिए एक नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन
कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में खेले गए फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने पूरे समय शानदार नियंत्रण, चुस्त फुटवर्क और सटीक शॉट्स का प्रदर्शन किया। पहले गेम की शुरुआत से ही उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए मिस्र की प्रतिद्वंद्वी रुकैया सलेम पर दबाव बनाया और 11-3 से एकतरफा जीत हासिल की।
दूसरे गेम में भी उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और 11-7 से गेम जीतकर अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। मिस्र की खिलाड़ी ने तीसरे गेम में वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह ने संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए 11-9 से गेम जीतकर मैच को अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक खिताब पर कब्जा जमाया।
लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम
अनाहत सिंह ने पिछले कुछ वर्षों से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। कम उम्र में ही उन्होंने कई प्रतिष्ठित जूनियर टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश का नाम रोशन किया है। उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति निरंतर समर्पण का परिणाम अब विश्व जूनियर खिताब के रूप में सामने आया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अनाहत सिंह की यह उपलब्धि भारत में स्क्वैश के विकास को एक नई गति प्रदान करेगी। यह जीत देश भर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी और इस खेल के प्रति आम जनता की रुचि को भी बढ़ाएगी। अनाहत की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी अब स्क्वैश जैसे चुनौतीपूर्ण खेलों में भी विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने की क्षमता रखते हैं।
खेल जगत से बधाइयों का तांता
अनाहत सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर देश भर से उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है। खेल प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और खेल प्रशासकों ने इसे भारतीय स्क्वैश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया है। सभी ने अनाहत के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनसे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की उम्मीद जताई है। उनकी यह जीत न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि इसने भारतीय खेल इतिहास में भी एक नया और गौरवशाली अध्याय जोड़ा है।
