BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Business

अमेरिका से एफटीए पर भारत की शर्त: बेहतर प्रस्ताव ही दे पाएगा समझौता

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर तभी आगे बढ़ेगा जब प्रस्ताव प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर होगा।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
अमेरिका से एफटीए पर भारत की शर्त: बेहतर प्रस्ताव ही दे पाएगा समझौता

द क्लिफ न्यूज़ | 4 सितंबर 2026

भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी संभावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत एफटीए पर तभी विचार करेगा जब अमेरिका की ओर से मिलने वाला प्रस्ताव, अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए अधिक फायदेमंद और बेहतर होगा। सरकार अपनी व्यापार नीतियों में घरेलू उद्योगों के हितों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

यह बयान नई दिल्ली में दिया गया, जहां गोयल ने भारत की व्यापारिक कूटनीति के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत किसी भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते में 'समान अवसर' सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका अर्थ है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों और सेवाओं को वियतनाम या बांग्लादेश जैसे देशों के समान या बेहतर पहुंच मिलनी चाहिए।

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी लाभ

गोयल के अनुसार, भारत सरकार की मुख्य चिंताओं में कृषि, डेयरी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) जैसे महत्वपूर्ण घरेलू क्षेत्रों की रक्षा करना शामिल है। किसी भी वैश्विक समझौते से इन क्षेत्रों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए, व्यापारिक नियमों और शुल्कों (Tariffs) में एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी, ताकि दोनों देशों के लिए समान लाभ सुनिश्चित हो सके। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए पर्याप्त समर्थन मिले।

रणनीतिक साझेदारी और बहुपक्षीय मंचों पर जोर

वर्तमान में, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, दोनों देश एक औपचारिक एफटीए पर हस्ताक्षर करने के बजाय, विशिष्ट व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत अपनी आर्थिक कूटनीति के तहत इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (IPEF) जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए सक्रिय है। यह दर्शाता है कि भारत अपने व्यापारिक संबंधों को विविध और लचीला बनाना चाहता है, ताकि राष्ट्रीय हितों की सर्वोपरि रक्षा हो सके।