अमेजन रिफंड का दुरुपयोग: 17 मोबाइल के साथ ठगी गिरोह का खुलासा
गुना पुलिस ने अमेजन की रिफंड प्रक्रिया में हेरफेर कर महंगे मोबाइल फोन ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के 14 सदस्यों के...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 9 सितंबर 2026
गुना पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन की रिफंड नीति का दुरुपयोग कर महंगे मोबाइल फोन हड़पने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल सत्रह मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 17 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गिरोह के 14 सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है, और मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के नेतृत्व में जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और सीएसपी आनंद राय के पर्यवेक्षण में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव की टीम ने इस ठगी के नेटवर्क की कड़ियों को बड़ी कुशलता से जोड़ा। इस गिरोह ने ऑनलाइन खरीदार के रूप में अमेजन से महंगे मोबाइल मंगवाए और फिर रिफंड प्रक्रिया में हेरफेर करके पैसे वापस ले लिए, जबकि फोन भी अपने पास रख लिए।
ठगी का modus operandi और प्रारंभिक गिरफ्तारियां
गिरोह के सदस्य अत्यंत सुनियोजित तरीके से काम करते थे। वे सबसे पहले ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन से महंगे मोबाइल फोन ऑर्डर करते थे। जब फोन डिलीवर हो जाता था, तो वे रिफंड प्रक्रिया का सहारा लेते थे। इसके लिए वे विभिन्न तरीके अपनाते थे, जैसे कि बॉक्स में नकली या सस्ता फोन रखना, या खाली बॉक्स वापस भेजना, और यह दावा करना कि उत्पाद प्राप्त नहीं हुआ या क्षतिग्रस्त था। इस प्रकार, वे अमेजन से पूरे पैसे वापस ले लेते थे और साथ ही मूल महंगा मोबाइल फोन भी अपने पास रख लेते थे। इस सुनियोजित ठगी के मुख्य सूत्रधारों में से शोखर मीना और तरूण शर्मा को पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार किया था। जब इन आरोपियों को पकड़ा गया, तो उनसे एक ईव्ही कार और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इन जब्त की गई वस्तुओं की कुल कीमत लगभग 38 लाख रुपये आंकी गई थी, जो इस गिरोह द्वारा की गई ठगी की भयावहता को दर्शाता है।
जांच का विस्तार और मोबाइल की बरामदगी
प्रारंभिक गिरफ्तारियों के बाद, पुलिस ने इस ठगी के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए अपनी जांच का विस्तार किया। इस क्रम में, 06 सितंबर 2026 को, पुलिस ने दो अन्य महत्वपूर्ण आरोपियों, सुमित मीना और नमन शर्मा को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। न्यायालय से विधिवत रिमांड प्राप्त करने के पश्चात, पुलिस ने इन गिरफ्तार आरोपियों से गहन और विस्तृत पूछताछ की। इसी पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपने अपराधों को स्वीकार किया और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसके आधार पर पुलिस को गिरोह के कब्जे से बड़ी संख्या में सत्रह मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली। ये वे मोबाइल फोन थे जिन्हें गिरोह ने रिफंड प्रक्रिया का दुरुपयोग करके हासिल किया था। इन बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 17 लाख रुपये बताई जा रही है, जो प्रारंभिक रूप से जब्त की गई वस्तुओं की कीमत से अलग है और दर्शाता है कि गिरोह ने विभिन्न माध्यमों से कई फोन जमा किए थे।
आगे की जांच और पुलिस की अपील
इस सफलता के पीछे कैंट थाना प्रभारी अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम का अथक परिश्रम है। इस टीम में उपनिरीक्षक अजय प्रताप सिंह, ज्योति राजपूत, सउनि गिर्राज जाटव सहित अनेक समर्पित आरक्षकों और साइबर सेल के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन सभी ने मिलकर तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया और आरोपियों से मिली जानकारी का विश्लेषण किया, जिससे ठगी के इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझा जा सका। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से प्राप्त हुई विस्तृत जानकारी के आधार पर इस ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। यह माना जा रहा है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, और पुलिस उनकी धरपकड़ के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अपराध में संलिप्त फरार आरोपियों की पहचान और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का यह भी मानना है कि जैसे-जैसे विवेचना आगे बढ़ेगी और अधिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे, इस ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में और भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस घटना के मद्देनजर, स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, और केवल प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश मानी जा रही है। यह घटनाक्रम कानून की सख्ती और ऐसे अपराधों से निपटने के लिए पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाता है। जांच अधिकारी लगातार अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं और इस ठगी के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने तथा उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।
