आमजन की समस्याओं पर खाद्य मंत्री का जोर: समयबद्ध समाधान के निर्देश
भोपाल में मंगलवार को खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रालय में नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित व प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 11 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंगलवार को मंत्रालय में प्रदेश भर से आए आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और पात्र लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर मंत्री राजपूत से मिले। इन समस्याओं में मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और राजस्व से जुड़े मूलभूत सुविधाओं का अभाव शामिल था। इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति और स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई। सुरखी विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं और जनहित के मुद्दों से मंत्री को अवगत कराया।
समस्या समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रत्येक नागरिक की बात धैर्यपूर्वक सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले। श्री राजपूत ने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा विकास कार्यों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए।
जनता से सीधा संवाद प्रतिबद्धता का हिस्सा
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान ही एक जनप्रतिनिधि की सर्वोपरि जिम्मेदारी है। इसी भावना के अनुरूप, वे नियमित रूप से सोमवार और गुरुवार को सागर तथा मंगलवार को भोपाल में मंत्रालय और सरकारी निवास पर आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और उनके निराकरण की दिशा में पहल कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए परेशान न होना पड़े। जनता से सीधा संवाद, समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का सतत विकास, यही उनकी प्रतिबद्धता है।
