अजनर सहकारी समिति में खाद स्टॉक, सचिवों की हड़ताल से किसान परेशान
महोबा में सात दिनों से सचिवों की हड़ताल के कारण अजनर साधन सहकारी समिति में डीएपी खाद का वितरण ठप है। गोदाम में 550 बोरी...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 27 अक्टूबर 2026
महोबा जिले के अजनर क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान खाद की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। सहकारी समितियों के सचिवों द्वारा वेतन वृद्धि और विसंगतियों के विरोध में सात दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण खाद का वितरण पूरी तरह से बाधित हो गया है। अजनर साधन सहकारी समिति के गोदाम में डीएपी खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने के बावजूद, मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है, जिससे यह आवश्यक खाद किसानों तक नहीं पहुँच पा रही है।
सूत्रों के अनुसार, गोदाम में करीब पांच सौ पचास बोरी डीएपी खाद का स्टॉक सुरक्षित है। हालांकि, समिति के सचिवों की हड़ताल के कारण वितरण कार्य पूरी तरह से ठप है। कुछ किसानों को पिछले बुधवार को खाद वितरण के दौरान टोकन मिले थे, लेकिन एक तकनीकी खराबी के कारण वितरण बाधित हुआ और इसके तुरंत बाद सचिवों की हड़ताल शुरू हो गई, जिसने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
किसानों की बढ़ती मुश्किलें
स्थानीय किसान माधव कुशवाहा ने बताया कि वे पिछले छह दिनों से टोकन लेकर समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। इसी तरह, खोई गांव के किसान रामकुमार ने आठ दिन पहले फार्मर रजिस्ट्री करवाई थी, लेकिन उन्हें आज तक खाद का टोकन तक नसीब नहीं हुआ है। समिति परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है और खाद न मिलने के कारण किसान मायूस होकर लौट रहे हैं।
किसानों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गोदाम में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद, वितरण के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। रबी फसलों की बुवाई का समय तेजी से बीत रहा है और खाद के अभाव में बुवाई में हो रही देरी से फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसानों को इस बात का भी डर है कि यदि जल्द ही वितरण बहाल नहीं हुआ, तो आगामी रबी फसलों की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि समय पर खाद का वितरण फिर से शुरू हो सके। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को समझा जाए और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी रबी की फसल की बुवाई कर सकें।
