आईजीआरएस रैंकिंग में विंध्याचल मंडल का प्रदेश में पहला स्थान
आईजीआरएस प्रणाली में शिकायतों के निस्तारण और अग्रसारण में विंध्याचल मंडल ने अगस्त 2026 में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को बधाई दी है।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय यूपी स्टेट ब्यूरो प्रमुख
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 2 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण जन शिकायत निवारण प्रणाली, इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) में संदर्भों की मार्किंग और अग्रसारण में लगे औसत दिवस के मामले में विंध्याचल मंडल ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अगस्त 2026 की जारी रैंकिंग में विंध्याचल मंडल ने 120 पूर्णांक में से 105 अंक प्राप्त किए, जो 87.50 प्रतिशत प्रगति दर्शाता है। इस उपलब्धि के साथ विंध्याचल मंडल ने प्रदेश के अन्य सभी 18 मंडलों को पीछे छोड़ दिया है।
शासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, विंध्याचल मंडल ने मुख्यमंत्री संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ और अन्य उच्च स्तरीय संदर्भों को मंडल स्तर से जनपदों और विभागों तक भेजने की प्रक्रिया में यह मुकाम हासिल किया है। मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल, श्री राजेश प्रकाश, ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंडल के सभी अधिकारियों और आईजीआरएस सेल में तैनात कर्मचारियों को बधाई दी है।
टीम वर्क से मिली बड़ी सफलता
मंडलायुक्त श्री राजेश प्रकाश ने इस उपलब्धि को टीम वर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र के जिलाधिकारियों, सभी विभागों के मंडलीय अधिकारियों और मंडल मुख्यालय पर तैनात समीक्षा अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण ही यह संभव हो सका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शासन की मंशा जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है, और शिकायतों को विभागों तक तेजी से पहुंचाना निस्तारण का पहला कदम है। विंध्याचल मंडल ने इस दिशा में प्रदेश के लिए एक मिसाल कायम की है।
गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश
मंडलायुक्त ने मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे इसी कार्यशैली को आगे भी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि केवल तेजी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी संदर्भ बिना ठोस निस्तारण के डिफाल्टर न हो और शिकायतकर्ता को संतुष्टिपरक जवाब मिले। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि में मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र, इन तीनों जनपदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिन्होंने अपने स्तर से भी संदर्भों को तेजी से निस्तारित किया है।
आईजीआरएस को सर्वोच्च प्राथमिकता
मंडलीय समीक्षा बैठकों में मंडलायुक्त द्वारा लगातार आईजीआरएस की समीक्षा की जाती है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की जाती है। पिछले कुछ महीनों से मंडलायुक्त ने आईजीआरएस को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि कोई भी अधिकारी आईजीआरएस संदर्भों को लंबित न रखे और निस्तारण आख्या में स्पष्ट और संतोषजनक जवाब दिया जाए।
मंडलायुक्त ने सभी अपर आयुक्त, संयुक्त विकास आयुक्त, सभी मंडलीय अधिकारी और आईजीआरएस पटल प्रभारी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आने वाले महीनों में भी प्रदेश में नंबर-1 बने रहने के लिए और अधिक मेहनत से काम करने की आवश्यकता है।
