आदिवासी अधिकार समिति की पहली बैठक: सशक्तिकरण और अधिकारों की रक्षा पर मंथन
भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में आदिवासी अधिकार समिति की बैठक हुई, जिसमें समाज के संवैधानिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 30 जुलाई 2026
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की प्रथम बैठक आज भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष और प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने की। बैठक में आदिवासी समाज के सामने वर्तमान समय में मौजूद विभिन्न चुनौतियों, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
समिति ने आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। गंभीर मंथन के उपरांत, समिति ने इन सभी विषयों पर एक प्रभावी एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। इस कार्ययोजना के माध्यम से प्रदेशभर में आदिवासी समाज के हितों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए संगठित प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता
समिति के अध्यक्ष श्री उमंग सिंघार ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव आदिवासी समाज के अधिकारों, उनके सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन कर उन्हें सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगी। साथ ही, आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प व्यक्त किया।
समन्वित प्रयासों से सशक्तिकरण का संकल्प
बैठक में समिति के सदस्य श्री विक्रांत भूरिया, श्री बाला बच्चन, श्री ओमकार सिंह मरकाम, श्री फूंदेलाल मार्को, श्रीमती झूमा सोलंकी, श्री संजय उइके, श्री सुनील उइके तथा डॉ. अशोक मर्सकोले भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए समन्वित, प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल करने का संकल्प व्यक्त किया।
जनसंवाद और अध्ययन से बनेगी ठोस रणनीति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति प्रदेशभर में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित करेगी। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से जनसंवाद और गहन अध्ययन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य आदिवासी समाज की समस्याओं के समाधान हेतु एक ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करना है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके और उन्हें सशक्त बनाया जा सके।
