अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के व्यापारी, बैठक का बहिष्कार
इटावा में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक अधिकारियों के नदारद रहने और देरी से शुरू होने के कारण हंगामे में बदल गई। नाराज व्यापारियों ने किया बैठक का बहिष्कार और डीएम से की शिकायत।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 21 जुलाई 2026
इटावा के कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में मंगलवार को आयोजित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक उस समय हंगामे में तब्दील हो गई, जब विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति और बैठक के समय पर शुरू न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में व्यापारियों ने बैठक का सामूहिक बहिष्कार कर दिया और सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी भड़ास निकाली।
व्यापारियों का आरोप है कि व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठकों में उनकी समस्याओं को बार-बार उठाया जाता रहा है, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारी न तो समय पर उपस्थित होते हैं और न ही उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बैठकों के विलंब से शुरू होने के कारण उनका बहुमूल्य समय व्यर्थ होता है, जिससे कोई अपेक्षित परिणाम नहीं निकल पाता।
अधिकारियों की मनमानी पर व्यापारी लामबंद
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, जिला महामंत्री सदाशिव श्रीवास्तव, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष संतोष चौहान के नेतृत्व में व्यापारियों के एक बड़े समूह ने बैठक का बहिष्कार किया। इसके बाद, सभी पदाधिकारी और व्यापारी जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल के कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने व्यापारियों की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें इस बात का आश्वासन दिया कि 23 जुलाई को निर्धारित व्यापार बंधु की बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में आयोजित होने वाली बैठकों को अधिक सुव्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।
भविष्य में आंदोलन की चेतावनी
इस विरोध प्रदर्शन और बैठक के बहिष्कार में महिला जिला अध्यक्ष अर्चना कुशवाहा, लाइनपार अध्यक्ष अंजू यादव, रंजीत सिंह कुशवाहा, यामीन रिंकू चौधरी, इकरार अहमद, शिवशरण गुप्ता, डॉ. ए.के. तिवारी, मीरा तिवारी, रिंकू यादव, विनीत पाण्डेय, इदरीश, सरदार मोहन सिंह, सुनीता कुशवाहा, गगन पोरवाल, सुभाष गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, हरी गोपाल शुक्ला, विनोद जैन, उमेश वर्मा, अंजू ठाकुर, सुशील यादव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे। व्यायापरिक संगठनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि भविष्य में भी प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखाता है, तो वे व्यापक आंदोलन की रणनीति पर विचार करने के लिए बाध्य होंगे।
